सोमवार को जहांगीराबाद के जलसे में शब-ए-बरात पर रोशनी डालते उलेमा।
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रविवार की रात्रि शबे-बरात के मौके पर नगर की इबादतगाहों में लोगों का तांता लगा रहा। अकीदत मंदों ने नमाज अदा कर मगफिरत की दुआएं मांगी। मोहल्ला शेखवाड़ा स्थित मदरसा खादिमुल कुरान में जलसे का आयोजन किया गया। मोलाना खुर्शाीद अहमद ने जलसे को खिताब फरमाया। उन्होंने कहा कि इंसान की सबसे बड़ी जरूरत इल्म है।
इंसानियत का सबसे बड़ा जेवर भी इल्म है। इल्म नहीं होने से मुसलमान गुमराही के रास्ते पर चल रहा है। उन्होंने मुसलिम समाज से अपने बेटों, और बेटियों को अधिक से अधिक शिक्षा दिलाने की अपील की। संचालन मौलाना आरिफ ने किया।
गुनाहों से तौबा कर अल्लाह से मांगी माफी
मुस्लिम समाज के लोगों ने शब-ए-बरात के मौके पर रविवार पूरी रात इबादत की। इस दौरान अकीदतमंदों ने अल्लाह से अपने गुनाहों की माफ ी मांगी। इस अवसर पर जलसे का आयोजन भी किया गया। शब-ए-बरात मुस्लिमों के लिए बड़ी रहमत व बरकतों की रात होती है।
इस रात को अल्लाह अपने बंदों के गुनाहों को माफ करता है। रविवार को पूरी रात सड़कों और बाजारों में चहल-पहल रही। लोगों ने कब्रिस्तान में जाकर रोशनी की और अपने मरहूमों के लिए फ ातिहा पढ़ा।