बस की छतों पर बैठकर की यात्रा
बुलंदशहर। होली में यात्रियों के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने के निगम के दावे खोखले साबित हुए। पर्याप्त बसे न होने पर लोगों ने बसों की छत पर बैठकर यात्रा की। शनिवार को अवकाश होने के बाद यात्रियों को अतिरिक्त बसें तो दूर, नियमित बसें भी नहीं मिल सकी। बस में सीट न मिलने पर लोगों को मजबूरन बसों की छत और डग्गेमार वाहनों में बैठकर सफर करना पड़ा। यात्रियों की सबसे अधिक भीड़ दिल्ली आने-जाने वाले रूट पर रही।
रोडवेज बसों से औसतन जहां प्रतिदिन पांच हजार लोग जिले से आते-जाते थे, वहीं त्यौहार को देखते हुए यह संख्या दोगुने से ज्यादा हो गई है। शनिवार को यात्रियों की संख्या अधिक होने पर बसों के इंतजार में रोडवेज अड्डे पर यात्रियों को बैठने की भी जगह नहीं मिल सकी। यात्री प्रतीक्षालय से लेकर बस अड्डे के बाहर यात्रियों की भीड़ रही। रोडवेज बस न मिलने पर डग्गेमार वाहन संचालकों ने भरपूर लाभ उठाया और यात्रियों से मनमाना किराया भी वसूला। नगर के रोडवेज बस अड्डा, शिकारपुर तिराहा, डीएवी बाईपास, स्याना बस अड्डा, अनूपशहर बस अड्डा, भूड़, क्लासिक प्लाजा और सदर तहसील क्षेत्र समेत अन्य स्थानों पर यात्री रोडवेज बस का इंतजार करते रहे। वहीं, विभिन्न स्थानों के लिए जाने वाली बसों के बस अड्डे में प्रवेश करते ही यात्री बस की और दौड़ पड़ते। इस दौरान महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई।
110 बसों का हो रहा नियमित संचालन
बुलंदशहर डिपो के वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी मुकेश शर्मा ने बताया कि डिपो पर निगम और अनुबंध की करीब 110 बसें है। जिनका संचालन लखनऊ, कानपुर, हरिद्वार, पीलीभीत, हल्द्वानी और दिल्ली समेत अन्य जनपदों के लिए किया जा रहा है। सभी बसों को अड्डे पर आने के बाद तत्काल रवाना कर दिया जाता है।
बस अड्डे पर निगम की बस आने के बाद तत्काल रवाना की जा रहीं हैं। भीड़ अधिक होने पर व्यवस्था संभालने में कर्मी जुटे हुए हैं। रोडवेज की बसों का संचालन 25 मार्च से शुरू किया गया जो तीन अप्रैल तक जारी रहेगा। - धीरज सिंह पंवार, एआरएम बुलंदशहर डिपो
दिल्ली, नोएडा से आने वालों की नहीं की जा रही जांच
बुलंदशहर। जिले में शहर से लेकर गांव तक कोरोना संक्रमण के पुन: लौटकर आने से लोगों में खौफ बना हुआ है। गाइड लाइन की जानकारी मिलने के अनुसार लोग पालन भी कर रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार अफसरों द्वारा बरती जा रही लापरवाही भारी भी पड़ सकती है। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार के निर्देश पर शासन ने दिल्ली, नोएडा या अन्य महानगर और प्रदेश से किसी भी जनपद में आगमन करने पर सार्वजनिक स्थानों पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाने का निर्देश दिया था। जिससे संबंधित नागरिक को शहर, गांव या मोहल्ले में दाखिल होने से पूर्व स्वास्थ्य का परीक्षण हो सके। लेकिन स्वास्थ्य विभाग शासन के निर्देश को लेकर संजीदा नहीं है। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने बताया कि कोरोना जांच के लिए टीम को भेजकर सैंपल लिए जा रहे हैं। साथ ही एंटीजन किट से भी जांच की जा रही है। सार्वजनिक स्थानों पर भी टीम को भेजा जा रहा है।