खुर्जा। गोपी कृष्ण विहार कॉलोनी स्थित मंदिर में आयोजित भागवत कथा में शनिवार को कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाया।
कथा व्यास आचार्य वेद प्रकाश भारद्वाज ने बताया कि माता रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को मन से पति मान लिया था और अपने भाई रुक्मी की ओर से शिशुपाल से विवाह तय किए जाने पर भगवान को पत्र भेजकर बुलाया था। भगवान श्रीकृष्ण ने माता रुक्मिणी का हरण कर द्वारका में विधि-विधान से विवाह किया। कथा पंडाल में भगवान के विवाह का मंचन किया गया और भक्तों ने फूल बरसाकर खुशी मनाई।