बुलंदशहर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई। निजी विद्यालयों में 13,276 सीटों पर प्रवेश होंगे। प्रवेश प्रक्रिया तीन चरण में चलेगी। पहले चरण में ऑनलाइन आवेदन 16 फरवरी तक प्राप्त किए जाएंगे। साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया गया है।
आरटीई के अंतर्गत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। इन सीटों पर प्रवेश पूरी तरह निशुल्क होता है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है ताकि अभिभावकों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से आवेदन पत्रों का सत्यापन कर उन्हें लॉक करने का काम भी इसी दौरान किया जाएगा। पहले चरण में प्राप्त आवेदनों की 18 फरवरी को लॉटरी निकाली जाएगी। इसमें जिन बच्चों के नाम लॉटरी में आएंगे, उनको 20 फरवरी तक प्रवेश लेना होगा। प्रवेश के लिए दूसरे चरण के लिए 21 फरवरी से सात मार्च तक आवेदन हो सकेंगे। लॉटरी की प्रक्रिया नौ मार्च को होगी, जबकि 11 मार्च तक प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
वहीं, तीसरे चरण के लिए 12 मार्च से आवेदन शुरू होंगे। इसके लिए 27 मार्च को लॉटरी प्रक्रिया के तहत बच्चों को स्कूलों का आवंटन किया जाएगा। इसके बाद 29 मार्च तक बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में अर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के दाखिले के लिए कई बदलाव किए गए हैं। नर्सरी के लिए बच्चे की आयु तीन से चार वर्ष, एलकेजी में चार से पांच वर्ष निर्धारित की गई है। यूकेजी में पांच वर्ष से छह वर्ष, कक्षा एक में छह या सात वर्ष होनी चाहिए। बताया कि अभिभावकों को आवेदन करने के लिए आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों के साथ आधार कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो आरटीई पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।
बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि आवेदन के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत निवास प्रमाण पत्र के रूप में आधार मान्य नहीं होगा। आवेदन में अभिभावक द्वारा वित्तीय सहायता के लिए भरे जाने वाली आधार संख्या/आधार सीडेड बैंक खाता, यदि 3 बार गलत भरा जाता है तो आवेदन नहीं भरा जा सकेगा। आवेदन के संबंध में कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी/कार्यालय संबंधित शिक्षा अधिकारी/हेल्पलाइन नंंबर 05732-298550 पर संपर्क कर सकते हैं। आवेदन विभागीय वेबसाइट rte25.upsdc.gov.in से प्राप्त किए जाएंगे।