आरएसएस और उसके अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारी जहां एक भूड़ रोड स्थित विराट फार्म हाउस के भीतर यूपी में भाजपा की जीत की रणनीति बना रहे थे, वहीं बाहर भाजपा से टिकट पाने की दौड़ में शामिल नेताओं के चेहरे पर बेचैनी साफ दिख रही थे।
टिकट के दावेदार बैठक की जानकारी पाने के लिए दिनभर संघ पदाधिकारियों का मन टटोलते दिखे। हालांकि बैठक से स्थानीय नेताओं और मीडिया को दूर रखा गया लेकिन बैठक स्थल से बाहर आने वाले हर शख्स से जानकारी हासिल करने की जुगत में भाजपा नेता दिनभर लगे रहे।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के एजेंडे और टिकटों के दावेदारों पर विचार-विमर्श की बात पर सभी नेता अपने क्षेत्र में आलाकमान के आह्वान पर कराए गए आंदोलनों और आयोजनों का विश्लेषण करते दिखे।
संघ पदाधिकारियों ने संभाला सुरक्षा का जिम्मा
समन्वय बैठक में संघ के पदाधिकारियों ने ही सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली। फार्म हाउस के अंदर किसी भी पुलिसकर्मी की मौजूदगी नहीं थी। दिग्गज नेताओं के संग रहने वाले गार्ड्स भी बैठक हॉल तक नहीं जा सके।
नोटबंदी के चुनावी असर पर हुआ विचार-विमर्श
समन्वय बैठक में नोटबंदी के चुनावी असर पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। पदाधिकारियों ने नोटबंदी के चलते आम जनता से मिले फीडबैक को चुनावी समर्थन से जोड़ा। साथ ही विपक्षी दलों की इस मुद्दे पर लामबंदी के चुनावी इंपैक्ट की संभावना भी तलाशी।
नोटबंदी से मिलने वाले जनसमर्थन को मत शक्ति में बदलने पर जोर देते हुए पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से लोगों के भ्रम दूर करने का आह्वान भी किया। इसके अलावा सर्जिकल स्ट्राइक के प्रति लोगों के समर्थन को कमजोर न पड़ने देने की रणनीति बनाई गई।