एनएच-235 के लिए अधिग्रहण की गई जमीन का मुआवजा कम देने की बात कहकर किसानों ने कलक्ट्रेट में जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसान और किसान प्रतिनिधि मंगलवार को एडीएम प्रशासन से मिले और चार गुना मुआवजे की मांग की।
गुलावठी देहात के किसानों ने मुआवजा निर्धारित करने से पहले डीएम के यहां आपत्ति दर्ज कराई थी। किसानों का कहना है कि अधिग्रहण की गई भूमि बाग और बेहद उपजाऊ थी। इसके बावजूद प्रशासन ने किसानों को सुने बगैर 1209 रुपये प्रतिवर्ग मीटर के हिसाब मुआवजा तय कर दिया गया, जबकि किसानों की मांग सर्किल रेट से छह गुना मुआवजा निर्धारण की थी।
किसानों का कहना है कि यदि मुआवजे की दर को कम से कम चार गुना नहीं किया गया तो किसान महापंचायत करने के लिए विवश होंगे। पिछले दिनों एनएच-235 के अधिकारी गुलावठी देहात, देवली भमरा, मिटठेपुर, छपरावत और बराल आदि करीब 12 गांवों के किसानों से मिले थे।
उन्होंने किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने का वादा भी किया । किसानों ने धलौना, हापुड़ और गुलावठी से सटे गांवों की भूमि के रेट अलग से निर्धारित करने की मांग की।
किसान नेता सुधीर चौधरी ने बताया यदि किसानों को वाजिब मुआवजा नहीं दिया गया तो किसान महापंचायत करेंगे।
किसानों ने प्रशासन से एकमुश्त प्रतिकर उपलब्ध कराने की मांग भी की। किसानों ने एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान नारेबाजी और प्रदर्शन भी किया गया। इस मौके पर स्वदेशपाल सिंह, बिजेंद्र सिंह, रवींद्र तेवतिया, सुधीर, सुंदरपाल, रवींद्रपाल, चंद्रपाल, बृहमपाल, जगवीर सिंह, राजवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
डीएफसी अफसरों से मिले किसान
फ्रेट कॉरीडोर के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर मैना-मौजपुर में63 दिन से धरने पर बैठे किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल विधायक विमला सोलंकी के नेतृत्व में दिल्ली में डीएफसी के अधिकारियों से मिलने पहुंचा।
किसान संघर्ष समिति के नेता सुग्रीव सोलंकी ने बताया कि प्रगति मैदान दिल्ली स्थित डीएफसी कार्यालय पर निदेशक अंशुमान शर्मा से मुआवजे को लेकर वार्ता हुई। इस दौरान निदेशक ने भरोसा दिलाया कि किसानों के मुआवजे की समस्या को जल्द से जल्द दूर किया जाएगा। किसानों को किसी भी प्रकार की क्षति नहीं होने दी जाएगी। प्रतिनिधि मंडल में इंद्रमणि शर्मा, केएस शर्मा, जितेन्द्र प्रधान, बालकराम, धर्मवीर शर्मा , उदयवीर सिंह आदि रहे।