फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैंटर को बचाने में पेड़ से टकराई रोडवेज, दो की मौत, 36 घायल

विज्ञापन
डिबाई सीएचसी से घायलों को एंबुलेंस में रखते लोग। - फोटो : BULANDSHAHR
विज्ञापन
कैंटर को बचाने में पेड़ से टकराई रोडवेज, दो की मौत, 36 घायल
विज्ञापन

नरौरा/डिबाई। नरौरा थाना क्षेत्र में दिल्ली-बदायूं हाईवे स्थित गांव नवीपुर खेड़िया के निकट शुक्रवार की दोपहर करीब ढाई बजे एक कैंटर को बचाने में तेज रफ्तार रोडवेज बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसे में बस में सवार 36 यात्री घायल हो गए, जबकि चालक समेत दो की मौत हो गई। बस दिल्ली से बदायूं जा रही थी। घटना के बाद राहगीरों व स्थानीय लोगों ने घायलों को बस से बाहर निकाला और पुलिस को सूचित किया। वारदात की सूचना मिलने पर डीएम-एसएसपी ने मौके पर पहुंचे तथा अधिकारियों को निर्देशित किए। घायलों में अधिकांश बदायूं व उत्तराखंड के काशीपुर के रहने वाले हैं।
बताया जाता है कि खुर्जा के गांव शाहपुर कलां निवासी सोनू (31) पुत्र जगवीर सिंह सिकंदराबाद डिपो में चालक के पद पर तैनात थे। शुक्रवार दोपहर को वह परिचालक विपिन के साथ सिकंदराबाद डिपो की बस दिल्ली से सवारी लेकर बदायूं के लिए निकले थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रोडवेज बस जब नरौरा थाना क्षेत्र में गांव नवीपुर खेड़िया और रतनपुर गांव के बीच पहुंची तो डिबाई की ओर जा रहे एक कैंटर को बचाने की कोशिश में बस अनियंत्रित होकर एक पेड़ से जा टकराई। हादसा इतना जबरदस्त था कि बस के अंदर पेड़ का तना चालक की सीट तक घुस आया। हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस में सवार 37 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। बस के अंदर की सीटें-शीशे भी क्षतिग्रस्त हो गईं। इस दौरान मौके पर स्थानीय लोगों व राहगीरों की भीड़ जुट गई, जिन्होंने घायलों को बस से बाहर निकाला। साथ ही पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को सीएचसी पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया। बताया गया कि देर शाम फरीदाबाद निवासी यात्री मनमोहन (70) की अलीगढ़ में उपचार के बाद मौत हो गई। वहीं, पुलिस ने मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने कैंटर चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही कैंटर को भी कब्जे में ले लिया है। हादसे के बाद सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद डिबाई सीएचसी से हायर मेडिकल सेंटर रेफर किया गया। इस दौरान 22 यात्री अलीगढ़, 16 यात्री बुलंदशहर रेफर किए गए।
विज्ञापन

हादसे में घायलों की सूची
अन्नू देवी (40) पत्नी वीरपाल निवासी विल्सी थाना बदायूं, वेदराम(50) पुत्र अनोखे राम निवासी बदायूं, नीरा(30) पत्नी रामविलास निवासी मिठौली बदायूं, प्रियंका (18) पुत्री रिछपाल निवासी मिठौली बदायूं, विद्यावती (45) पत्नी रिछपाल निवासी मिठौली बदायूं, नमिता (15) पुत्री बाबूराम निवासी काशीपुर उत्तराखंड, बूंदा देवी (45) पत्नी बाबूराम निवासी काशीपुर उत्तराखंड, किशन (13) पुत्र बाबूराम निवासी काशीपुर उत्तराखंड, भावना (10) पुत्री बाबूराम निवासी काशीपुर उत्तराखंड, गोविंद गुप्ता (39) पुत्र कैलाश चंद निवासी तिलहर बदायूं, नीरा निवासी बदायूं, बबलू (26) पुत्र पूसे लाल निवासी दारा नगर बदायूं, नेक्सी (24) पुत्र बबलू निवासी दारा नगर बदायूं, मोनू (18) पुत्र रामविलास निवासी मिठौली बदायूं, पूजा (22) पत्नी बबलू निवासी बदायूं, पुष्पेंद्र (25) पुत्र प्रकाश निवासी शुक्कलपुर सहसवान, अशोक (36) पुत्र ओमकार निवासी जाशमां बदायूं, उमेश (29) पुत्र ओमकार निवासी सूरजापुर कासगंज, ओमकार (29) पुत्र रामदास निवासी सूरजापुर कासगंज, विष्णु (26) पुत्र जसवीर निवासी बदायूं, सोमवती (23) पत्नी रूपराम निवासी जयरामपुर खादर नरौरा, भगवती (45) पत्नी वेदराम निवासी बदायूं, एमएस शर्मा (65) निवासी फर्रू खाबाद, अनीता (20) पत्नी सोनू निवासी बदायूं, भूरी देवी (45) पत्नी वेदराम निवासी बदायूं, माधुरी (40) पुत्री मनमोहन निवासी फरीदाबाद, डौली (30) निवासी फरीदाबाद, राजपाल (45) निवासी बदायूं, मालती (65) पत्नी मनमोहन निवासी फरीदाबाद, चंद्रभान (19) पुत्र पप्पू निवासी बदायूं, विपिन (18) पुत्र नत्थूलाल निवासी बदायूं, उपराम (45) पुत्र नत्थूलाल निवासी बदायूं, रूपराम (30) निवासी नरौरा, रवि कुमार (24) निवासी बदायूं, शिवानी चार वर्ष निवासी नरौरा, शिवा पत्नी पांच वर्ष निवासी नरौरा।
हादसे के बाद बस में मची चीत्कार, मदद को दौड़े राहगीर
नरौरा। रोडवेज बस के पेड़ से टकराने के बाद यात्रियों की चीत्कार मच गई। बस में सवार यात्रियों की चीख पुकार सुनकर आसपास के राहगीर व स्थानीय लोग बचाव को दौड़ पड़े। बस के अंदर का नजारा भयावह था। हर तरफ यात्रियों का सामान बिखरा हुआ था, उनके कपड़े, जूते, पानी और कोल्डड्रिंक की बोतलें फैली हुई थीं। घायल एक दूसरे के ऊपर गिरे पड़े थे। पुलिस और एंबुलेंस के पहुंचने से पूर्व ही राहगीरों व स्थानीय लोगों ने बस से बाहर निकाला। लेकिन, कोई सुविधा न होने के कारण घायल सड़क किनारे ही अचेत और लहूलुहान पड़े रहे। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने स्थानीय प्रशासन को तत्काल मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए। हादसे के बाद मौके पर 18 एंबुलेंस और 11 पुलिस की 112 नंबर पीआरवी पहुंची, जिन्होंने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां आस-पास के अन्य अस्पतालों से भी चिकित्सकों को उपचार के लिए बुला लिया गया था।
डीएम-एसएसपी ने अस्पताल पहुंच घायलों का जाना हाल
डीएम रविंद्र कुमार और एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने सर्वप्रथम सीएचसी पहुंच कर घायलों का हाल जाना और इसके बाद घटना स्थल पर पहुंच कर जायजा लिया। साथ ही इस दौरान उन्होंने सीएमओ को घायलों के बेहतर उपचार के लिए निर्देशित किया।
विज्ञापन

कैंटर चालक को हिरासत में ले लिया गया है। मामले में तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर हादसे की गहनता से जांच की जाएगी। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।
- संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें