बुलंदशहर। बारिश का मौसम शुरू होने पर महिलाओं के स्वास्थ्य पर असर पड़ने लगा है। लगातार बारिश हुई तो नमी, असंतुलित भोजन और धूप कम निकलने के चलते संक्रमण, पाचन संबंधी समस्याएं और कमजोरी की शिकायतें बढ़ सकती हैं। इसको लेकर अभी से चिकित्सक प्रतिदिन महिलाओं को संतुलित आहार लेने के साथ व्यायाम करने की सलाह दे रहे हैं।
जिला महिला चिकित्सालय की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधा शर्मा ने बताया कि बरसात के मौसम में त्वचा पर फंगल संक्रमण, खुजली, पेट की गड़बड़ी, वायरल संक्रमण, थकान और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं। वहीं, महिलाओं में आयरन की कमी से कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत बढ़ जाती है। बारिश के दौरान शरीर की साफ-सफाई का ध्यान न रखने पर यूटीआई और अन्य संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बारिश के मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखने के लिए ताजा भोजन का सेवन करना चाहिए। प्रतिदिन व्यायाम करें और हरी पत्तेदार सब्जियों को अच्छी तरह धोकर और पकाकर खाएं। मौसमी फलों को भी अच्छी तरह साफ करने के बाद ही खाएं। जिले में लगातार दो दिन से बारिश हो रही है। शुक्रवार को जिला चिकित्सालय की ओपीडी में फंगल संक्रमण, खुजली, पेट में गड़बड़ी, वायरल संक्रमण आदि के 300 से अधिक मरीज पहुंचे। वहीं, जिला महिला चिकित्सालय की ओपीडी में आयरन की कमी को लेकर करीब 61 महिलाओं ने परामर्श लिया।
जिला महिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. अजय पटेल ने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन 50 से अधिक महिलाएं आयरन की कमी की समस्या को लेकर आ रही हैं। महिलाओं को परामर्श के साथ दवा देकर घर भेज दिया जाता है। -