फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bulandshahar News: कुत्ता काटने के पांच दिन बाद सीरम लगवाने के लिए किया रेफर

विज्ञापन
पिटबुल के हमले में जख्मी बुजुर्ग । संवाद
विज्ञापन
बुलंदशहर। सरकारी चिकित्सालयों से एआरएस (एंटी रेबीज सीरम) लगवाने के लिए रेफर करने में स्टाफ की लापरवाही लोगों की जान ले सकती है। शिकारपुर में पिटबुल के हमले में जख्मी बुजुर्ग को पांच दिन बाद एआरएस लगवाने के लिए रेफर किया गया। बुधवार को जिला चिकित्सालय की ओपीडी में बुजुर्ग सहित 13 अन्य लोगों को सीरम और 189 को एआरवी लगाई गई।
विज्ञापन

शिकारपुर क्षेत्र के गांव भटौला निवासी लोकेश शर्मा ने बताया कि छह दिसंबर को 56 वर्षीय पिता वेद प्रकाश शर्मा को पड़ोसी के पालतू पिटबुल कुत्ते ने काट लिया। सात दिसंबर को रविवार के चलते एआरवी नहीं लगगवा सके। सोमवार को शिकारपुर सीएचसी जाकर एआरवी की पहली डोज लगवाई। चिकित्सक को जख्म दिखाया को एआरवी से ही फायदा होने की बात कही। बुधवार को सीएचसी पर पिता को लेकर एआरवी की दूसरी डोज लगवाने पहुंचे। चिकित्सक को पिता का जख्म दिखाया तो उन्होंने एआरएस लगवाने की बात कहकर रेफर कर दिया। कहा कि एआरएस पहले दिन ही लग जानी चाहिए थी। बुधवार को जिला चिकित्सालय पहुंच एआरएस लगवाई।
खुर्जा के कोट मोहल्ला निवासी फुरकान की तीन वर्षीय पुत्री नविया को गली में घूम रहे लावारिस कुत्ते ने उल्टे हाथ में काट लिया। जख्म गहरा होने पर खुर्जा से एआरएस के लिए बुलंदशहर रेफर करने पर परिजन एआरएस लगवाने पहुंचे। इनके अलावा 43 वर्षीय पंकज, 21 वर्षीय अभिषेक, 52 वर्षीय चंद्रसेन, पांच वर्षीय चंदर, 43 वर्षीय पूजा, पांच वर्षीय खुशविंदर, आठ वर्षीय मुकुल, 35 वर्षीय बबीता, 16 वर्षीय कृष्णा, नौ वर्षीय विवान, 43 वर्षीय हरेंद्र, 65 वर्षीय किरनपाल समेत 13 को एआरएस व 189 को एआरवी लगाई गई।
विज्ञापन


जख्म गहरा होने पर एआरएस के लिए तत्काल रेफर कर दिया जाता है। बुजुर्ग को समय से रेफर न करने के मामले की जांच कराई जाएगी। - डॉ. शशि शेखर सिंह, सीएचसी प्रभारी शिकारपुर
गहरा जख्म होने पर एआरएस लगवाने के लिए रेफर करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी चिकित्सा प्रभारियों को दोबारा इस मामले में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए जाएंगे। - डॉ. रमित कुमार, नोडल अधिकारी एआरवी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें