नोटबंदी से हो रही दिक्कतों से राहत को जारी 24 हजार कैश विड्रॉल के आदेश तो बैंक पहुंच गए लेकिन शाखाएं अभी भी कैश की किल्लत से जूझ रही हैं। देहात के शाखाएं अभी भी ग्राहक को 24 हजार रुपये एकमुश्त नहीं दे पा रहीं हैं। स्थिति यह है कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी ग्रामीण पांच से 10 हजार रुपये ही निकाल पा रहा है।
उधर, अफसरों का कहना है कि चेस्ट में रुपयों की कमी के चलते परेशानी है, जिसे जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। बता दें कि मोदी सरकार द्वारा नोटबंदी करने से लेकर अब तक भी बैंकों और एटीएम के बाहर लोगों की लाइन कम नहीं हुई है। अभी भी अधिकतर एटीएम केशलेस हैं और वह पिछले काफी समय से बंद पड़े हैं।
जिनमें कैश होता है वहां लंबी लाइन लग जाती है और चंद घंटों में कैश खत्म होने से अधिकतर लोगों को मायूस लौटना पड़ रहा है। शहर के बैंकों को छोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों की बात की जाए तो अभी भी लोगों को निर्धारित 24 हजार नहीं मिल रहे। कैश की कमी के चलते लोगों को आज भी दो से चार हजार रुपये तक दिए जा रहे हैं।
लोगों का कहना है कि वह सुबह से ही लाइन में लग जाते हैं और दोपहर तक कैश खत्म होने पर उन्हें मायूस लौटना पड़ रहा है। रुपये नहीं मिलने पर उनके जरूरी काम नहीं हो रहे और अब स्थिति यह बन गई है कि उधार भी राशि अथवा सामान नहीं मिल रहा।
बुधवार को भी अधिकतर ग्रामीण बैंकों में दोपहर तक कैश खत्म हो गया और लोगों को बिना रुपये वापस घर लौटना पड़ा। लोगोें ने बैंकों में पर्याप्त कैश उपलब्ध करवाने की मांग की है ताकि उन्हें आ रही परेशानी को दूर किया जा सके।
धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होती जा रही है। चेस्ट में रुपयों की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। उच्चाधिकारियों को जानकारी दे दी गई है। - सतपाल मेहता , लीड बैंक मैनेजर