जिले में फिंगर प्रिंट से राशन वितरण का ट्रायल शुरू हो गया है। जिले की 20 राशन की दुकानों पर प्वाइंट ऑफ सर्विस (पीओएस) मशीन लग गई हैं। जब तक सभी राशन कार्ड धारकों के आधार कार्ड लिंक नहीं हो जाते, तब तक मशीन में राशन कार्ड का नंबर से राशन का वितरण होगा। ये मशीन डिबाई और छतारी क्षेत्र की दुकानों पर लगा दी और चलाने का दुकानदारों को प्रशिक्षण भी दे दिया है।
बता दें कि खाद्य एवं रसद विभाग ने सरकारी राशन की दुकानों पर राशन वितरण करने का काम पीओएस मशीन से करने का निर्णय लिया है। खासकर यह निर्णय राशन की कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से लिया है। इस मशीन में दुकान से संबंधित सभी उपभोक्ताओं का ब्यौरा दर्ज होगा।
संबंधित उपभोक्ताओं के फिंगर प्रिंट भी स्कैन कर मशीन में अपलोड होंगे। इस मशीन की खास बात यह रहेगी कि जैसे ही उपभोक्ता अपनी अंगुली रखेगा तो उससे संबधित सभी ब्यौरा स्क्रीन पर आ जाएगा। परिवार के सदस्यों की संख्या, मिलने वाले राशन की मात्रा और ली जाने वाली राशि भी स्क्रीन पर होगी।
इससे यह भी आसानी से पता लगेगा कि दुकान से कितने उपभोक्ताओं को राशन का वितरण हुआ और कितने शेष रह गए। विभाग ने शुरूआत में जिले की 20 दुकानों पर ये मशीन ट्रायल के रूप में लगाई हैं। अफसरों का कहना है कि जल्द ही जिले की सभी 1426 दुकानों पर ये मशीन लगाई जाएंगी।
यहां यह भी बता दें कि जिले में राशन कार्ड उपभोक्ताओं की संख्या नौ लाख के करीब हैं। इनमें से 26402 बीपीएल उपभोक्ता है जबकि 6.50 लाख उपभोक्ता फूड सिक्योरिटी एक्ट योजना से संबंधित हैं। डीएसओ केबी सिंह के मुताबिक मशीन चलाने के लिए दुकानदारों को प्रशिक्षण दे दिया है। जल्द ही यह मशीन जिले की सभी दुकानों पर लग जाएंगी।