ओबीसी (पिछड़ा वर्ग) की गिनती के लिए शासन दोबारा रैपिड सर्वे कराएगा। सपा सरकार में कराए गए रैपिड सर्वे को योगी सरकार ने रिजेक्ट कर दिया है। आरोप है कि सपा सरकार में आनन-फानन में गलत-सही रैपिड सर्वे कराया गया था। इससे शहर के कई इलाके सर्वे से छूट गए थे।
पिछले ओबीसी रैपिड सर्वे को गलत बताते हुए शासन ने नए सिरे से सर्वे का आदेश दे दिया है। नगर निकायों को ओबीसी की गिनती 45 दिन के भीतर करनी होगी। बता दें कि पुराने रैपिड सर्वे में ओबीसी की संख्या बढ़ने के बजाय घट गई थी। आरोप है कि कई कालोनियों में रैपिड सर्वे के लिए टीम पहुंची भी नहीं, सर्वे के बाद दर्ज की गई
आपत्तियों का निस्तारण संतोषजनक नहीं हुआ। इओ नगर पालिका एके सिंह ने बताया 19 जून से ओबीसी रैपिड सर्वे शुरू करवा दिया गया है। 45 दिन के भीतर रैपिड सर्वे को पूरा करने का आदेश शासन से मिला है।