बुलंदशहर में रह रही क्षेत्र के गांव निवासी दुष्कर्म पीड़िता ने बृहस्पतिवार को जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़िता की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। बताया गया कि नामजद दो आरोपियों में से एक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से पीड़िता आहत है।
जानकारी के अनुसार घटना के बाद से पीड़िता गांव छोड़कर बुलंदशहर में रह रही थी। परिजनों ने बताया कि नामजद दोनों आरोपियों में से पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मगर, दूसरे आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। जांच के दौरान उसका नाम एफआईआर से निकाल दिया। दूसरे आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से पीड़िता आहत है। दूसरे आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर उन्होंने एसएसपी समेत अन्य अफसरों को प्रार्थना पत्र भी दिया था।
कार्रवाई नहीं होने पर बृहस्पतिवार को उसने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। कार्यवाहक प्रभारी मनीष चौहान ने बताया कि विवेचना थाना चोला को ट्रांसफर कर दी गई है। चोला थाना प्रभारी पूनम जादौन ने बताया कि मामले में ककोड़ पुलिस ने चार्जशीट लगा दी थी। उन्हें अभी विवेचना मिली है। वह मामले की गहनता से जांच कर रही हैं। जांच के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
यह था मामला
ककोड़ क्षेत्र के गांव निवासी महिला ने सात दिसंबर 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराकर बताया था कि करीब एक साल पूर्व गांव निवासी युवक ने उसकी नाबालिग बेटी की अश्लील वीडियो बना ली। वीडियो वायरल करने और भाई की हत्या की धमकी देकर वह एक साल से उसके साथ दुष्कर्म करता चला आ रहा है। तीन दिसंबर को आरोपी युवक अपने एक दोस्त के साथ उसके घर में घुस आया, जहां उसकी बेटी को अकेला देख दोनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास किया। शोर सुनकर जब वह घर पहुंची तो आरोपी चाकू दिखाते हुए एक आरोपी फरार हो गया, जबकि लोगों की मदद से एक आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करने के बजाए उसका शांति भंग में चालान कर दिया। जिसके बाद उन्होंने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देते हुए कार्रवाई की मांग की। एसएसपी के आदेश पर ककोड़ पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी।