मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी तक के निर्देशों का कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है। रमजान माह में भी शहर में सफाई कर्मियों की मनमानी के चलते न तो सफाई हो रही है, न पानी के इंतजाम हैं और न ही बिजली आपूर्ति शेड्यूल के अनुसार हो पा रही है।
रमजान में शासन के सख्त निर्देश थे कि साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति और बिजली आपूर्ति का विशेष ध्यान रखा जाए। सहरी और इफ्तार के वक्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसी दौरान जमकर कटौती की जा रही है।
नगर के ऊपरकोट, सरायधारी, शेखसराय, राधा नगर, साठा, टीचर्स कालोनी, कृष्णानगर आदि क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। रोजेदारों को न तो सहरी के वक्त और न ही इफ्तार के समय बिजली आपूर्ति की जा रही है।
शासन के निर्देश हैं कि सहरी और इफ्तार के समय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। दिन और रात के समय हो रही जबरदस्त कटौती ने रोजेदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिजली आपूर्ति नहीं होने के कारण रोजेदारों को पेयजल संकट से भी जूझना पड़ रहा है। हालांकि, पालिका अफसर दावा करते हैं कि जनरेटर के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है, लेकिन रोजेदार पालिका के दावे को गलत बता रहे हैं।
कटौती लोकल स्तर से नहीं की जा रही है। इमरजेंसी रोस्टरिंग के कारण सहरी और इफ्तार के समय आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। बिजली कटौती न हो इसके लिए अफसरों से बात की जा रही है। - डीसी शर्मा, एक्सईएन, बुलंदशहर
सफाई निरीक्षकों को शहर में सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सफाई व्यवस्था की मॉनीटरिंग की जा रही है। यदि सफाई व्यवस्था में कोई भी खामी नजर आएगी तो कार्रवाई की जाएगी। बिजली आपूर्ति नहीं होने पर जनरेटर से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। - एके सिंह, ईओ, नगर पालिका