बुलंदशहर। अकीदतमंद रमजान की तैयारियों में जुट गए हैं। रमजान महीने का चांद शनिवार को दिखने की उम्मीद है। अगर चांद दिख गया तो पहला रोजा दो मार्च को होगा। वहीं, इस बार सबसे लंबा 30वां रोजा 13:53 घंटे का होगा।
शहर के काजी मौलाना जैनुल आबदीन के अनुसार रमजान का चांद दिखते ही मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरू हो जाएगी। इस बार 29वां रोजा 13:50 घंटे और 30वां रोजा 13:53 घंटे का होगा। बताया कि इस्लाम में जकात का बड़ा महत्व है। यह इस्लाम का पांचवां स्तंभ साहिब-ए-निसाब है। हैसियतमंद को सालभर की आमदनी का ढाई फीसदी हिस्सा जरूरतमंद या गरीब को देना होता है। हर मुसलमान पूरे साल अपनी आमदनी का हिसाब-किताब कर जकात निकालता है। सोने-चांदी के जेवरात का भी जकात निकाला जाता है।
उन्होंने कहा कि फितरा में एक किलो 661 ग्राम गेहूं होता है, जिसे गरीब और जरूरतमंद को देना होता है। बेहतर हो कि इतने वजन के आटे की कीमत उसे दे दें। उन्होंने रोजा रखने वाले लोगों से चांद दिखते ही तरावीह की नमाज में शामिल होने और नियमानुसार रोजा रखने की अपील की है।