रक्षाबंधन आज, बसों में निशुल्क यात्रा करेंगी बहनें
बुलंदशहर। भाई-बहन का पवित्र त्योहार रक्षाबंधन आज मनाया जाएगा। शासन ने इस बार भी बहनों (महिलाओं) के लिए निशुल्क यात्रा की सुविधा दी है। तीन अगस्त की मध्य रात्रि तक महिलाएं निगम की बसों में बिना शुल्क दिए यात्रा कर सकेंगी। ज्योतिषाचार्य के अनुसार राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 9.27 के बाद शुरू होगा। इससे पूर्व रविवार को राखी और मिठाई की दुकानें खुलने पर लोगों ने सोशल डिस्टेंस का पालन कर खरीदारी की।
रक्षाबंधन त्योहार पर बहनें अपने भाई के घर जाती हैं और भाई के हाथ पर रक्षासूत्र बांधकर उसकी खुशहाली की कामना करती हैं। बहनों को भाइयों के घर पहुंचने के लिए विगत वर्षों की तरह इस बार भी प्रदेश सरकार ने निशुल्क बस यात्रा की सेवा दी है। दो अगस्त की रात 12 बजे से तीन अगस्त की रात 12 बजे तक बहनों को निशुल्क यात्रा की सुविधा निगम की सभी बसों में मिलेगी। साथ ही बहनों को दूर-दराज भाइयों के घर जाने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए निगम की बसों को अतिरिक्त चलाने के भी निर्देश दिए हैं। एआरएम धीरज सिंह पंवार ने बताया कि रक्षाबंधन पर बहनों को भाइयों के घर पहुंचाने के लिए डिपो की सभी बसों का शत-प्रतिशत संचालन किया जाएगा। मुख्यमंत्री के आदेशानुसार बहनों के लिए यह यात्रा निशुल्क रहेगी।
रक्षाबंधन पर रहेगा सवार्थ सिद्धि और आनंद योग
पंडित गिरीश चंद शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन श्रवण नक्षत्र के साथ ही सवार्थ सिद्धि योग व आनंद योग रहेगा। अशुभ माना जाने वाले भ्रदाकाल का योग सुबह 9.27 बजे तक रहेगा। इसके बाद ही बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधें तो शुभ होगा। बहनें सूर्यास्त से पहले तक भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं।
बहनों ने की राखी की खरीदारी
रविवार को लॉकडाउन पर शासन द्वारा रक्षाबंधन के चलते मिठाई और राखी की दुकानें खोलने की छूट दी गई। नगर समेत जनपद में रविवार को मिठाई और राखी की दुकानें खुली रहीं। लोगों ने सोशल डिस्टेंस का पालन कर अपनी पसंद की मिठाई खरीदी। वहीं, बहनों ने रक्षासूत्र खरीदा। दूसरी ओर रविवार को दिन में कुछ जगहों पर लोग बसों का इंतजार करते दिखे तो कहीं पर यात्रियों के इंतजार में उप्र परिवहन निगम की बसें खड़ी रहंी।
राखी और मिठाइयां खरीदने उमड़े लोग
सिकंदराबाद। रक्षाबंधन को लेकर रविवार को बाजारों में मिठाइयों और राखियों की दुकानों पर लोगों की भीड़ लगी रही। महिलाओं ने भाइयों की कलाई पर बांधने के लिए अच्छी-अच्छी राखियां खरीदीं। दुकानदारों ने महिलाओं और युवतियों की पसंद का ध्यान रखते हुए खूबसूरत राखियाें के स्टाल लगाए। देर शाम तक और राखियों और मिष्ठान की दुकानों पर भीड़ दिखाई दी।