बुलंदशहर।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से बृहस्पतिवार को श्रम विभाग कार्यालय पर मजदूर और कर्मचारियों के शोषण के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान श्रमिकों के हित में आवाज बुलंद करते हुए चेतावनी दी गई कि भट्ठा मजदूर और कर्मचारियों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीटू के जिला सचिव सुरेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों के हित साधन करने के लिए श्रम कानूनों का खात्मा कर रही है। प्रदेश की योगी सरकार ने सत्ता में आने से लेकर आज तक विभिन्न श्रेणी के मजदूरों की वेतन समितियों का गठन नहीं किया है। श्रम कानूनों का पालन कराने वाले श्रम विभाग पूरी तरह नींद में है। विभाग को प्रवर्तन के काम को छोड़कर मालिकान को मजदूरों के शोषण की खुली छूट दे दी है। इस स्थिति को मजदूर चुपचाप सहन करने की बजाय आंदोलन का रास्ता अपना आएगा।
बिबकोल एंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष हेमंत कौशिक ने कहा कि देश के विकास मैं सार्वजनिक क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है। जो कि देश की जनता के खून पसीने की कमाई से खड़ा हुआ है। राधेश्याम वर्मा ने कहा कि बिजली के 31 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों द्वारा लगातार ड्यूटी करने पर भी उन्हें पिछले 5 माह से वेतन नहीं दिया जा रहा है। मामला सहायक श्रम आयुक्त के समक्ष विचाराधीन है। वार्ता में बार-बार बुलाए जाने पर भी बिजली अधिकारी और ठेका कंपनी वार्ता में शामिल नहीं हो रहे हैं।श्रम विभाग उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता सीटू के जिला अध्यक्ष कामरेड सुरेश चंद ने और संचालन तरुण सिंह ने किया। इस दौरान सहायक श्रम आयुक्त को समस्याओं का निस्तारण करने के लिए ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर रंजना, चमन सिंह, जितेंद्र मोहन, सुनील शर्मा, प्रेम सिंह ,कमल सिंह और इंद्रपाल सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।