कृषि विधेयक-मंडी शुल्क के विरोध में ‘हल्ला-बोल’
बुलंदशहर। जनपद में सोमवार का दिन कृषि विधेयक और मंडी शुल्क के विरोध के नाम रहा। विभिन्न संगठनों ने केंद्र सरकार पर हल्ला बोल करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। नई मंडी स्थित कार्यालय पर व्यापारियों ने हाथ मे कटोरा लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए। भाकियू ने कालाआम चौराहे पर जाम लगाया तो तो सपा ने मंडी में प्रदर्शन किया। कांग्रेस, सपा और आम आदमी पार्टी ने कलक्ट्रेट पर हल्ला बोलकर विरोध जताया।
गल्ला मंडी व्यापारियों ने नई मंडी में तो विभिन्न राजनैतिक दलों ने कलक्ट्रेट गेट पर जमकर हंगामा किया। इसके विरोध में जनपद की इक्का-दुक्का मंडियों को छोड़कर सभी मंडियां बंद रहीं। इससे करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित रहा। नई मंडी में व्यापारियों ने अर्दनग्न होकर हाथों मे कटोरा लेकर प्रदर्शन किया। अध्यक्ष मुकेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने गल्ला व्यापारियों के हाथों में कटोरा ही थमा दिया है। इस विधेयक के कारण प्रदेश में मंडी के अंदर कारोबार करने वाले व्यापारियों से ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क लिया जाएगा। इससे मंडी से जुड़े कई तबकों में बेरोजगारी बढ़ जाएगी। इस मौके पर महामंत्री चंद्रकांत सिंघल, राहुल सिंह, संजय सिघल आदि उपस्थित रहे। समाजवादी पार्टी के एक गुट ने नई मंडी में विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन किया। पूर्व जिलाध्यक्ष हामिद अली ने कहा कि देश में पहले से ही बेरोजगारी है। अब सरकार ने कृषि विधेयक बिल पास कर किसान को मरने के लिए मजबूर कर दिया है। पार्टी नेता हाजी अख्तर, रविंद्र लोधी, मोरध्वज लोधी, वासिद खान, फइम हसन, हाजी लियाकत आदि उपस्थित रहे। कालाआम चौराहे पर भारतीय किसान यूनियन ने जाम लगाया। जिसको लेकर पुलिस प्रशासनिक अफसरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद सभी कलक्ट्रेट पहुंचे और गेट पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष नरेंद्र उर्फ गुड्डू प्रधान ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए विधेयक का किसान विरोध कर रहे हैं। सरकार द्वारा इस अध्यादेश को एक देश में एक बड़ा कृषि सुधार बता रहे है। वहीं, भाकियू इसे कृषि क्षेत्र में कंपनी राज के रूप में देख रही है। इस अवसर पर चौधरी अरविंद सिंह, बाबा गंगा प्रसाद, राखी शर्मा, रोहताश सिंह, वेदपाल सिंह, बिशन सिंह, केपी सिंह, मदनपाल सिंह आदि उपस्थित रहे। वहीं, आम आदमी पार्टी ने भी कालाआम चौराहे और कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष विकास शर्मा ने कहा कि भारत की संसद में असंवैधानिक तरीके से पारित हुआ एग्रीकल्चर ऑर्डिनेंस से जय जवान जय किसान का नारा लगाने वाले देश में किसानों की बदहाली हो जाएगी। भाजपा को किसानों की कोई चिंता नहीं है। किसान विरोधी काला कानून उसका जीता जागता उदाहरण है। पार्टी में किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सूर्य प्रताप सिंह आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे। युवक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पौरुष शर्मा ने कृषि विधेयक को काला कानून बताते हुए इसे किसान हित में नहीं बताया। शहर अध्यक्ष हुसैन अली और प्रदेश सचिव मुस्तफा मोहम्मद खान ने कहा कि यदि सरकार ने इस विधेयक को वापस नहीं लिया तो कांग्रेस जेल भरो आंदोलन करेगी। इस दौरान पूर्व विधायक सुभाष गाध्ंाी, पूर्व शहर अध्यक्ष मुनीर अकबर, प्रशांत बाल्मीकि, सुशील चौधरी, राकेश भाटी, मनीष चतुर्वेदी, आरिफ कुरैशी और आस मोहम्मद कुरैशी आदि पार्टी कार्यकर्ता शामिल रहे।
नगरों और कस्बों में भी मंडी बंद कर किया विरोध
गुलावठी में व्यापारियों ने बैठक कर मंडी अनिश्चितकालीन बंद रखने का निर्णय लिया। गुलावठी नवीन मंडी प्रगतिशील व्यापार मंडल के संरक्षक सतवीर सिंह सिरोही ने कहा कि नया कृषि बिल किसान विरोधी है। अध्यक्ष राजीव गोयल ने कहा कि यह बिल व्यापारियों और किसानों को बर्बाद कर देगा। बैठक में मंडल के संरक्षक सुभाष चंद कंसल, सतवीर सिंह सिरोही, अध्यक्ष राजीव गोयल, महामंत्री ललित अग्रवाल और अरविंद सिंहल आदि शामिल रहे। डिबाई में कारोबारियों ने दुकान नहीं खोली। मंडी संघ के प्रधान रमेश चंद्र ने बताया कि 26 सितंबर तक कारोबारी अपने प्रतिष्ठान बंद रखेंगे। अनूपशहर आढ़ती यूनियन अध्यक्ष विपिन बंसल ने कहा कि मंडी शुल्क की विसंगति दूर करने की मांग को लेकर मंडी व्यापारी सोमवार से कारोबार बंद कर हड़ताल पर चले गए हैं। यह हड़ताल आगे भी जारी रहेगी। स्याना में भाकियू कार्यकर्ता गढ़ बस स्टैंड पर एकत्रित हुए। भाकियू नेता मांगेराम त्यागी ने कहा कि किसानों के विरोध के बावजूद कृषि विधेयक बिल पास किया गया है। सरकार हठधर्मिता से काम कर रही है। विधेयक का पुतला दहन कर प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम सुभाष सिंह को सौंपा गया। इस दौरान दयाचंद लोधी, ऋषिपाल चौहान, दीपक चौधरी, विपिन चौधरी, मोनू त्यागी आदि रहे। शिकारपुर में मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी के जिला कमेटी सदस्य व सीटू के जिलाध्यक्ष कामरेड सुरेश चंद ने शिकारपुर स्थित खंड विकास कार्यालय पर मजदूरों व किसानों के प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि देश का उपभोक्ता अनाज व अन्य खाद्य वस्तुओं के लिए देशी-विदेशी कंपनियों पर निर्भर हो जाएगा। किसान सभा के क्षेत्रीय अध्यक्ष जयभगवान शर्मा ने कहा कि किसान के साथ धोखा किया जा रहा है। मापका ने 25 सितंबर को किसानों के भारत बंद का भी समर्थन किया। औरंगाबाद में मूढ़ी बकापुर मार्ग स्थित बिजलीघर पर किसानों की समस्याओं को लेकर दर्जनों गांवों के किसानों ने धरना प्रदर्शन किया। बाद में किसानों ने दस सूत्रीय ज्ञापन एसडीओ जयप्रकाश गुप्ता को सौंपा। किसान नेता जगवीर सिंह और हरेंद्र सिंह ने इस बिल को वापस लेने की मंाग की। धरने में नंदलाल पाठक, सीताराम शर्मा, नौशाद अली, प्रमोद कुमार, जुनेद अली आदि मौजूद रहे।