जैविक खाद बनाने की तकनीक बताती प्रगतिशील किसान आंचल चौधरी। स्रोत: स्वयं
बुलंदशहर। जिले की महिलाएं खेती-किसानी से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। प्रगतिशील किसान आंचल चौधरी महिलाओं को जैविक खाद तैयार करने का प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार की राह दिखा रहीं हैं।
गांव सलेमपुर की आंचल चौधरी ने बताया जैविक खाद बनाने के लिए सहकारीनगर के पास जमीन ली। अच्छे परिणाम सामने आए तो इस काम से दूसरी महिलाओं को भी जोड़कर रोजगार दिलवाने का काम किया। जैविक खाद का प्रयोग गंगा किनारे की जा रही जैविक खेती में हो रहा है।
बताया कि काम को और बढ़ाने के लिए उन्होंने वासवान आर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के नाम एफपीओ का गठन किया। इसके माध्यम से फल व फूल से नेचुरल क्लीनिंग प्रोडक्ट जैसे फ्लोर क्लीनर, टॉयलेट क्लीनर, हैंडवाश, बॉडी वॉश और कई तरह की क्रीम तैयार किए जा रहे हैं।
इसके अलावा वह जैविक खाद से नींबू, गुलाब, एलोवेरा और हल्दी की खेती को बढ़ावा दे रही हैं। साथ ही इस खेती को दूसरी महिलाओं से करवाने के लिए जागरूक कर रही हैं। उनका कहना है कि जैविक खाद से की जाने वाली खेती से कम लागत में अधिक मुनाफा पाया जा सकता है।