स्कूल प्रधानाचार्यों की लापरवाही से बोर्ड परीक्षा दे रहे करीब 350 स्टूडेंट्स का भविष्य खतरे में पड़ गया है। जिले के चार अलग-अलग स्कूलों में पढ़ रहे इन छात्र-छात्राओं का प्रधानाचार्यों ने शारीरिक शिक्षा की प्रयोगात्मक परीक्षा का अंक अब तक संबंधित विभाग को नहीं भेजा है।
ऐसे में इन स्टूडेंट्स का रिजल्ट रुक सकता है। डीआईओएस ने संबंधित प्रधानाचार्यों को 8 मार्च तक का मौका दिया है। डीआईओएस रामाज्ञा कुमार ने बताया कि एसपीएचएस हाईस्कूल सिकंदराबाद, बीवीपी कन्या इंटर कॉलेज खुर्जा, आरएएमवी इंटर कॉलेज नगला कीरतपुर और एसएसएसवीएम इंटर कॉलेज स्याना ने अब तक हाईस्कूल के नैतिक, खेल एवं शारीरिक शिक्षा और इंटर में खेल एवं शारीरिक शिक्षा की प्रयोगात्मक परीक्षा का आंतरिक मूल्यांकन न तो कार्यालय और न ही बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड किया है।
ऐसे में इन विद्यालयों के 350 विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में है। इन छात्र-छात्राओं का रिजल्ट रुक सकता है।
आंतरिक मूल्यांकन के अंक उपलब्ध करवाने के लिए प्रधानाचार्यों को कई बार पत्र लिखा जा चुका है, मगर कोई जवाब नहीं मिला। अब एक बार फिर पत्र जारी कर प्रधानाचार्यों को आठ मार्च तक का अंतिम मौका दिया गया है। इसके बाद स्टूडेंट्स के भविष्य की जिम्मेदारी प्रधानाचार्यों की होगी। -- रामाज्ञा कुमार, डीआईओएस