जनपदीय क्षेत्र से गुजरने वाले तीन हाईवे के चौड़ीकरण की ऑनलाइन समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी ने मुआवजा वितरण पर कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने अफसरों को फटकार लगाते हुए जल्द वितरण कराने के निर्देश दिए हैं ताकि कब्जा लेकर निर्माण शुरू कराया जा सके।
मालूम रहे कि एनएच-235 के चौड़ीकरण के लिए 18 गांवों की 67 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है। एनएचएआई ने मुआवजे के लिए 22 करोड़ रुपये काफी समय पहले जारी कर दिए थे लेकिन एसएलओ के बाबूओं ने फाइल ही तैयार नहीं की। इस कारण अब तक 22 करोड़ रुपये में महज चार करोड़ रुपये का वितरण किसानों को किया गया है।
वहीं एनएच-91 के तहत 42 गावों में भूमि अधिग्रहित की गई थी। एनएचएआई 275 करोड़ रुपये दे चुकी है। 275 में से 10 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को नहीं हुआ है। बता दें कि एनएच-91 का निर्माण कमोबेश पूरा हो चुका है। एनएच-93 के लिए एनएचएआई ने 26 करोड़ दिए थे।
इसकी तो वितरण की कागजी प्रक्रिया भी अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। वहीं, वीसी के बाद एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र ने बाबूओं को फटकार लगाई और सुधरने की हिदायत दी।
मुआवजा वितरण में तेजी लाई जाएगी। एनएच-9235 और एसनएच-93 में मुआवजा वितरण पिछड़ा हुआ है। संबंधित बाबूओं को कड़ाई से समझा दिया गया है। - अरविंद कुमार मिश्र, एडीएम प्रशासन