अफसरों के पास बेशक किसान की बात सुनने का वक्त न हो, लेकिन प्रधानमंत्री ने किसान की एक चिट्ठी पर न केवल गौर किया बल्कि सूबे के मुख्य सचिव को तत्काल उसकी शिकायत का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री का निर्देश मिलते ही लखनऊ से बुलंदशहर तक हड़कंप मच गया। मुख्य सचिव ने मंडलायुक्त से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। बुलंदशहर के गांव ताजपुर निवासी पप्पू पुत्र सरदार की भैंस घर पर बंधी हुई थीं।
एक मई 2015 को सुबह करीब 5.30 बजे ट्रांसफार्मर फट गया और उसके तार टूटने से पप्पू की दो भैंसों की झुलसकर मौत हो गई। पप्पू ने ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर रखने और भैंसों के मुआवजे की मांग की।
अफसरों ने पप्पू को मुआवजा तो दूर उसकी बात तक नहीं सुनी। आर्थिक तंगी से जूझ रहे पप्पू ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आपबीती सुनाई।
प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से मुख्य सचिव आलोक रंजन को तत्काल पप्पू की शिकायत का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद मुख्यमंत्री सचिवालय से मंडलायुक्त आलोक सिन्हा से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की गई है।
मंडलायुक्त को पूरे मामले की रिपोर्ट मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी बुलंदशहर को तलब कर रिपोर्ट मांगी है। जिलाधिकारी बुलंदशहर ने अधीक्षण अभियंता सर्किल प्रथम को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
पप्पू के पास पहुंचे बिजली अफसर
प्रधानमंत्री कार्यालय से चले पत्र के बाद मंडलायुक्त के तलब करते ही बिजली अफसर हरकत में आ गए। जिलाधिकारी बी. चंद्रकला के निर्देश के बाद अधीक्षण अभियंता ने तत्काल एक्सईएन बुलंदशहर और एसडीओ देहात को मौके पर भेजकर पूरी रिपोर्ट तलब की है। अधीक्षण अभियंता ने एक्सईएन बुलंदशहर से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है।
एक झटके में आजीविका हुई खत्म
बिजली के ट्रांसफार्मर में हुए धमाके के बाद पप्पू की दो भैंसों की झुलसकर मौत हो गई। किसान पप्पू की मुख्य आजीविका पशुपालन थी। भैंसों का दूध बेचकर पप्पू अपने परिवार को पालन-पोषण करता था।
लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही ने पप्पू की आजीविका को ही खत्म कर दिया था। अफसरों द्वारा शिकायत न सुनने के बाद ही पप्पू ने अपना दर्द प्रधानमंत्री को सुनाया।
मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के निर्देश के बाद एक्सईएन बुलंदशहर से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। देखा जा रहा है
कि आखिर ट्रांसफार्मर में आग कैसे लगी और भैंसों की मौत कैसे हुई। रिपोर्ट डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजी
जाएगी। -एके चौधरी, अधीक्षण अभियंता