गर्मी में अबकी बिजली सप्लाई की आड़ में अफसरों की मनमानी नहीं चलेगी। इसके लिए जिले के सभी पावर स्टेशन और ट्रांसमिशन केंद्रा को जीपीआरएस सिस्टम से लैस किया जाएगा। सिस्टम लगने से लखनऊ के पावर अफसर जान सकेंगे की बुलंदशहर के किस बिजलीघर से किस फीडर को कितनी बिजली सप्लाई की जा रही है।
सूबे के सभी बिजलीघरों पर ऑनलाइन मानीटरिंग व्यवस्था शुरू होगी। अब तक बिजली सप्लाई को लेकर गलत रिपोर्टिंग पावर अफसर उच्च अधिकारियों को करते थे। जहां 12 घंटा बिजली नहीं आती थी, उस क्षेत्र में 18-20 घंटा पावर सप्लाई दिखाकर खेल किया जाता था। इसकी आड़ में पावर अफसर मोटी कमाई भी करते थे।
पावर अफसरों के खेल का अमर उजाला ने कई बार खुलासा भी किया था। अब इस हरकत पर शिकंजा कसने के लिए जीपीआरएस सिस्टम वाईफाई से बिजलीघर को जोड़ा जाएगा। जीपीआरएस का दूसरा कनेक्शन लखनऊ के सेंट्रल सिस्टम से कनेक्ट होगा। डिजिटल सिस्टम के वजूद में आने से बिजली सप्लाई की ऑनलाइन मानीटरिंग की जाएगी।