एसएसपी दफ्तर में प्रदर्शन करते कोतवाली देहात के गांव धमरावली के ग्रामीण। संवाद
- फोटो : पानी की पाइप लाइन फटने के बाद खोदा गया गड्डा।
बुलंदशहर। कोतवाली देहात के गांव धमरावली में 20 फरवरी को अनुसूचित वर्ग पक्ष और प्रधान पक्ष के लोगों के बीच हुआ बवाल अभी थम नहीं रहा है। सोमवार को प्रधान पक्ष की महिलाएं व अन्य ग्रामीण भाकियू महाशक्ति के पदाधिकारियों के साथ एसएसपी दफ्तर पहुंचे और धरना प्रदर्शन किया।
आरोप लगाया कि पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई की है। उन्होंने अनुसूचित वर्ग के युवक की बरात चढ़त को नहीं रोका था। चढ़त में तेज आवाज में डीजे बज रहा था। आवाज कम करने के लिए कहने पर दूसरे पक्ष ने ही विवाद किया था।
20 फरवरी को गांव धमरावली में अनुसूचित वर्ग के दूल्हे की घुड़चढ़ी को रोककर मारपीट करने का मामला सामने आया था। देहात पुलिस ने मामले में दूल्हे के पिता की तहरीर के आधार पर प्रधान पक्ष के 29 नामजद और 10 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
साथ ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस की कार्रवाई से प्रधान पक्ष के लोगों में आक्रोश पनप रहा है।
22 फरवरी को प्रधान पक्ष की महिलाओं ने कोतवाली देहात पहुंचकर प्रदर्शन कर पुलिस पर मनमानी कार्रवाई का आरोप लगाया था। सोमवार को भाकियू महाशक्ति के राष्ट्र अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह के साथ गांव धमरावली के प्रधान पक्ष की कई महिलाएं और पुरुषों ने पुलिस कार्यालय पहुंच कर प्रदर्शन किया।
साथ ही एसएसपी को ज्ञापन देकर बताया कि घटना वाले दिन दूल्हे की घुड़चढ़ी में बहुत तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा था, जिससे बुजुर्ग और बीमार लोग परेशानी महसूस कर रहे थे। डीजे की आवाज कम करने की कहने पर उनके साथ अभद्रता और मारपीट की गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने सिर्फ एक पक्ष की तहरीर पर कार्रवाई की।