करंट से झुलसकर किसान की मौत के बाद ग्रामीणों के आक्रोश से सहमे बिजलीकर्मियों ने बिजलीघर पर ताला लटका दिया है। इसके चलते क्षेत्र के 24 गांवों में 30 घंटे से बत्ती गुल है।
कर्मियों ने पुलिस से सुरक्षा की गारंटी मिलने के बाद ही काम पर लौटने की बात कही है। उधर, परिजनों की तहरीर पर जेई समेत दो कर्मियों पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
बता दें कि मंगलवार को बिजलीघर क्षेत्र के निवासी किसान यशपाल पुत्र पोप सिंह की पोल पर तार जोड़ते समय करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
परिजनों का आरोप था कि शटडाउन लेने के बाद भी अचानक लाइन की आपूर्ति की गई। इस लापरवाही से गुस्साए परिजनों ने बिजलीघर पर तोड़फोड़ की थी। ग्रामीणों के गुस्से को देख कर्मचारी भाग खड़े हुए।
30 घंटे बाद भी डर से कर्मचारी ड्यूटी पर लौटने को तैयार नहीं है। बिजलीघर पर ताला लटका हुआ है। उधर, किसान के परिजन पप्पू पुत्र खुशीराम की तहरीर पर बिजलीकर्मी शहाबुद्दीन और किशनपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
बिजलीघर जेई हरजीत सिंह मीणा ने बताया कि बिजलीघर से शटडाउन नहीं लिया गया था। बिल बकाया होने के चलते यशपाल का कनेक्शन काटा गया था। इसके बाद यशपाल बिना शटडाउन के पोल पर चढ़कर तार जोड़ रहा था। इसके कारण वह करंट की चपेट में आ गया।
जेई ने दी तहरीर
बिजलीघर पर तोड़फोड़ करने के मामले में जेई ने अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। जेई ने बताया है कि कुछ लोगों ने बिजलीघर पर धावा बोलकर तोड़फोड़ कर दी। इसके अलावा महत्वपूर्ण दस्तावेज भी फाड़ दिए गए।
अब तक पुलिस से बिजली अफसरों या कर्मियों ने सुरक्षा नहीं मांगी गई है। यदि कर्मी या अफसर सुरक्षा की मांग करते हैं तो उन्हें मुहैया कराई जाएगी।
-महावीर सिंह चौहान, प्रभारी, थाना अहमदगढ़
बिजलीघर पर तोड़फोड़ के कारण कर्मियों में भय है। पुलिस को कर्मियों को सुरक्षा देने के लिए पत्र लिखा जा रहा है।
-राजेश सिंह, एक्सईएन डिबाई
चोरों ने गुल की 32 गांवों की बत्ती
चोरों ने करीब दो किमी तक बिजली तार काट कर 32 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप कर दी। अफसरों का दावा है कि गुरुवार से आपूर्ति सुचारु होगी। कोतवाली देहात में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
मंगलवार रात चोरों ने बिरौली ताजपुर के जंगलों में लाइन पर चेक डालकर ब्रेकडाउन कर दिया। लाइन कटने से ब्रेकडाउन हो गया। सुबह जब पेट्रोलिंग की गई तो लाइन चोरी की बात पता चली। इससे चोला, दाउदपुर, खानपुर, गांगरौल, खबरा, कादिलपुर आदि की बत्ती गुल हो गई है।