विभिन्न मांगों को लेकर जिले भर के संविदा बिजलीकर्मी सोमवार को धरने पर बैठ गए। कर्मियों ने अफसरों और ठेकेदारों पर सांठगांठ कर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। कर्मियों की हड़ताल का असर बिजली व्यवस्था पर भी देखने को मिला। कर्मियों ने 20 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
यूपी बिजली बोर्ड इंपलाइज यूनियन के बैनर तले सोमवार को हाइड्रिल कॉलोनी स्थित एसई दफ्तर पर धरने पर बैठे संविदाकर्मियों को संबोधित करते हुए यूनियन महासचिव सुरेंद्र सिंह ने कहा कि अधिकारी-ठेकेदारों की सांठगांठ से कर्मियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। कर्मियों की मेहनत की कमाई को अधिकारी-ठेकेदार लूट रहे हैं।
स्थायी कर्मियों की पदोन्नति नहीं की जा रही है। सुरेंद्र सिंह ने कहा कि कर्मियों को वेतन के नाम पर महज दो हजार रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि शासन से उन्हें करीब आठ हजार रुपये निर्धारित हैं। भविष्य निधि को कर्मियों के खाते में जमा नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने जल्द मांगे पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। धरने की अध्यक्षता इंद्रपाल सिंह और संचालन बलवीर सिंह ने किया। इस मौके पर चंद्रपाल सिंह, जगवीर सिंह, भूपेंद्र सिंह, अमित, कासिम, शिवनारायण सिंह, देवपाल सिंह, इस्लाम, राजू सक्सेना, संतोष कुमार लोधी, शिवकुमार, वेद कुमार, राकेश कुमार आदि रहे।
कारपोरेशन की टीम ने वसूले पांच लाख
बकाएदारों के खिलाफ तहसील और कारपोरेशन कर्मचारियों द्वारा चलाए जा रहे वसूली अभियान के तहत सोमवार को पांच लाख 62 हजार की वसूली की गई। बता दें कि नगर क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर करीब चार करोड़ रुपये के विद्युत बिल बकाया है।
बिल जमा नहीं करने पर कारपोरेशन ने चार सौ से अधिक उपभोक्ताओं को आरसी जारी कर दी थी। एसडीएम ने वसूली के लिए तहसीलदार हीरालाल सैनी और नायब तहसीलदार वेदप्रकाश पांडेय के नेतृत्व में संग्रह अमीनों की टीम का गठन किया।