बुलंदशहर। जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती दो जुड़वा बच्चों की मंगलवार सुबह मौत हो गई। दोनों जुड़वा भाई-बहन का 16 मई से उपचार चल रहा था। परिजनों ने चिकित्सक और स्टाफ पर बच्चों के इलाज के लिए रुपये न देने पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, बच्चों का दो दिन बाद भी पोस्टमार्टम नहीं किया गया है। परिजन पोस्टमार्टम की जिद पर अड़े हैं।
सदर तहसील क्षेत्र निवासी सर्वेश कुमार ने बताया कि 16 मई को नगर के एक निजी अस्पताल में उसकी पत्नी ने दो बच्चों को जन्म दिया। वजन कम होने पर दोनों को जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करा दिया। दोनों का एक सप्ताह से उपचार चलने पर वह स्वस्थ नजर आने लगे। आरोप है कि बच्चों के स्वस्थ होने पर चिकित्सक और स्टाफ ने रुपयों की मांग की। अपनी खुशी से तीन स्टाफ को 1500 रुपये दे दिए। रुपये कम देने पर उन्होंने नाराजगी जताई। मंगलवार को स्टाफ द्वारा दोनों बच्चों की मौत हो जाने की सूचना दी गई। आरोप है कि रुपये कम देने पर उपचार में लापरवाही बरतने से ही दोनों की मौत हुई है। परिजनों ने मंगलवार और बुधवार को अस्पताल में हंगामा कर लापरवाही का आरोप लगा स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की है। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने में जुटी हुई है।
जिंदा बच्चों संग रखे गए हैं दोनों मृत नवजात
जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती जुड़वा भाई-बहन की विभाग द्वारा मंगलवार सुबह मौत होने की बात कही गई। इसके बाद परिजनों ने स्टाफ पर दोनों की हत्या करने का आरोप लगाया है। परिजन बिना पोस्टमार्टम के शव न ले जाने की मांग पर अड़े हुए हैं। इसकी वजह से अस्पताल प्रशासन ने पुलिस विभाग से मांग की। लेकिन पुलिस विभाग द्वारा भी कोई समाधान नहीं निकाला गया। ऐसे में मृत दोनों नवजात एसएनसीयू वार्ड में अन्य जिंदा नवजात के पास रखे हुए हैं। दो दिन बाद भी दोनों मृत नवजातों को नहीं हटाया गया। न हीं दोनों के शवों को सुरक्षित रखने के लिए वार्ड में डीप फ्रीजर मंगाया है। ऐसे में दोनों के शव अधिक समय तक रखे रहने से अन्य नवजात में संक्रमण फैलने की संभावना है। मृतक नवजात बच्चों के पिता सर्वेश कुमार ने बताया कि मंगलवार को नगर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर दोनों का पोस्टमार्टम व डीएनए टेस्ट कराने की मांग की गई है। लेकिन समस्या का समाधान करने की जगह समझौता करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। बिना कानूनी कार्रवाई के हम दोनों नवजातों का शव नहीं ले जाएंगे।
वार्ड में मृत दोनों नवजात का वजन कम था। परिजनों की शिकायत को संज्ञान में लेकर जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित पर विभागीय कार्रवाई होगी। फिलहाल दोनों नवजातों के शव एसएनसीयू वार्ड में रखे हुए हैं। इन्हें हटाने के लिए परिजनों व पुलिस से कहा है। - डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सीएमएस जिला महिला अस्पताल
मंगलवार शाम अस्पताल प्रशासन ने सूचना दी। मामले की जांच कराई जा रही है। जल्द ही पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। - अनुकृति शर्मा, सीओ सिटी