गन्ने की पत्ती जलाई तो किसानों को बंद हो जाएगा गन्ना सट्टा
बुलंदशहर। लगातार बिगड़ रहे पर्यावरण को देखते हुए शासन से लेकर प्रशासन तक फसल अवशेष जलाने पर लगातार सख्ती बरती जा रही है। अब गन्ने की पत्ती जलाने पर किसानों का सट्टा बंद करने का निर्देश जारी किया है तो साथ ही गन्ना मूल्य भी जब्त करने की भी चेतावनी दी है। डीएम सीपी सिंह की ओर से जारी किए गए आदेश पर जिला गन्ना अधिकारी ने सख्ती शुरू कर दी है।
जिला गन्ना अधिकारी बृजेश पटेल ने बताया कि फसल अवशेष जलाना कानूनी अपराध है। ऐसा करने पर किसानों पर जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। फसल अवशेष जलाने से जहां पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ता है। वहीं, दूसरी ओर भूमि की उर्वरा शक्ति कमजोर होने के साथ भूमि के मित्र कीट भी नष्ट हो जाते हैं। जिले में इस बार 74 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में गन्ने की फसल उगाई गई है। तमाम किसान गन्ने की पत्ती को भी खेत में जला देते हैं। डीएम की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं कि यदि कोई गन्ना किसान फसल की पत्ती जलाता है तो उस पर प्रावधान के अनुसार जुर्माना तो लगाया ही जाएगा। साथ ही उसका गन्ना सट्टा भी बंद कर दिया जाएगा।
इतना ही नहीं, किसान ने जिता गन्ना मिल को बेचा होगा, उसकी राशि को भी जब्त कर लिया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और इसका सभी गन्ना किसानों को पालन करना होगा। इससे पहले उप कृषि निदेशक डिपिन कुमार की ओर से भी डीएम के निर्देश पर किसानों को फसल अवशेष जलाने पर सरकारी योजनाओं से मिलने वाले अनुदान और प्रधानमंत्री किसान सम्मान के लाभ से वंचित करने की चेतावनी जारी की जा चुकी है। वहीं, दूसरी ओर अभी तक जिले में 14 स्थानों पर फसल अवशेष में आग लगाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें से सात किसानों पर जुर्माना लगाने की भी कार्रवाई की जा चुकी है।