देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा बुलंदशहर
बुलंदशहर। वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब श्रेणी में होने पर बुधवार को जनपद देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। जनपद का एक्यूआई 405 मापा गया। जबकि, 401 एक्यूआई होने पर भिवाड़ी दूसरे नंबर पर रहा। बावजूद इसके जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं और इसे मौसम बदलाव का कारण बता रहे हैं।
बीते दिनों मौसम में बदलाव होने से बुलंदशहर के प्रदूषण स्तर में गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन प्रदूषण का स्तर दोबारा बढ़ने लगा है। बुधवार सुबह से ही वायुमंडल में धुंध छाई रही और लोगों को आंखों में जलन भी महसूस की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बुधवार को बुलंदशहर जनपद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 405 दर्ज किया। वायु प्रदूषण बढ़ने से शहर की आबोहवा बेहद खतरनाक हो चली है। सांस रोगी तो दूर आम जन मानस के लिए ऐसे वातावरण में सांस लेना हानिकारक है। चिकित्सकों की मानें तो ऐसे में बेहद जरूरी काम हो तब ही घर से बाहर निकलें। घर से बाहर निकलते समय मास्क अवश्य पहनें। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. परवेंद्र कुमार ने बताया कि ऐसे माहौल में सांस लेना भी मुश्किल हो सकता है। वायु प्रदूषण के हालात अभी नहीं संभाले गए तो आगे स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी आशुतोष चौहान ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण अचानक एक्यूआई में बढ़ोतरी हुई है। जनपद में वायु प्रदूषण को बढ़ने से रोकने के लिए प्रयास किए जाएंगे।