कार कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बचने का तिकड़म निकाल लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण के लिहाज से 2000 सीसी या इससे अधिक क्षमता की लग्जरी कारों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा रखी है। कार कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बचने के लिए 1997 सीसी की कारोें को बाजार में उतार दिया है।
वहीं, एआरटीओ ने 1997 सीसी क्षमता के वाहनों का पंजीकरण शुरू कर दिया है। अब तक जिले में 44 गाड़ियों का पंजीकरण हो चुका है। सुप्री कोर्ट ने 2000 सीसी या इससे अधिक क्षमता के वाहनों को पर्यावरण के लिए खतरा बताते हुए एनसीआर के सभी जनपदों में इनके पंजीकरण पर रोक लगा दी थी।
करीब छह माह से 2000 सीसी से अधिक क्षमता वाले वाहनों का पंजीकरण बंद था। इससे कंपनिया घाटे में जा रही थीं। घाटा और सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बचने के लिए ऑटो कंपनियों ने लग्जरी कारों की इंजन क्षमता को घटाकर 1997 सीसी कर दिया है।
कंपनी की मिली एनओसी
एआरटीओ सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इंजन की क्षमता में कटौती के लिए कंपनी ने पुणे के ऑटोमेशन रिसर्च इंस्टीटयूट से एनओसी ली है। इसके बाद आदेश सभी ट्रांसपोर्ट कमिश्नरों के पास भेजा गया है। इसी के आधार पर पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कराई गई है।
कानूनी अड़चन खत्म होने के बाद विभाग में 1997 सीसी की कारों का पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। - सुरेंद्र सिंह, एआरटीओ, बुलंदशहर