शहर की हवा में जहर घोल रहे धूल के कण, प्रशासन बेखबर
बुलंदशहर। अमृत योजना के तहत जनपद में पड़ रहे सीवर लाइन के काम के चलते शहर के कई स्थानों पर सड़कें खुदी हुई हैं। कार्यदायी संस्था जलनिगम के अफसर और कर्मी दिन में एक बार पानी का छिड़काव कर पल्ला झाड़ लेते हैं। दिनभर धूल के कण प्रदूषण के ग्राफ के साथ ही लोगों की सेहत भी खराब कर रही है। इन सब के बावजूद जिला प्रशासन इससे अंजान बना हुआ है। वहीं, सोमवार को जिला देश के सबसे प्रदूषित शहरों में चौथे नंबर पर रहा। जनपद का एक्यूआई 379 मापा गया।
मौसम बदलने के साथ दिवाली से पूर्व ही प्रदूषण का असर बढ़ने लगा है। जिससे जिले के आसपास के क्षेत्रों की हवा की गुणवत्ता गत सप्ताह से खराब हो रही है। इसका बड़ा कारण हवा की गति धीमी रहना है। विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले दिनों में जैसे-जैसे तापमान में कमी आएगी वैसे-वैसे वायु प्रदूषण और बढ़ता जाएगा। इस पर विभागीय अफसरों द्वारा कोई कार्रवाई न करने और जिले वासियों के जागरूक न होने से जिले के हालत और अधिक खराब हो सकते हैं। वहीं, निर्माण कार्य के दौरान नगर के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों पर उड़ती धूल से भी जनपद का वायु प्रदूषण बढ़ गया, सोमवार सुबह को तापमान कम होने से धुंध छाने लगी। नगर समेत जनपदभर में हर कहीं आसमान में स्मॉग/धुंध ही दिखाई दिया। प्रदूषण नियंत्रण विभाग की हवा की शुद्धता जांच रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को जनपद का एक्यूआई 379 मापा गया। जिससे आम नागरिक समेत मरीजों को स्वच्छ सांस लेने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, चांदपुर रोड पर सीवर लाइन की खुदाई के बाद सड़कों पर धूल उड़ने से लोगों को परेशानियां होने लगी हैं। लोगों का आरोप है कि प्रदूषण के ग्राफ में बढ़ोत्तरी का यह एक प्रमुख कारण है। कार्यदायी संस्था के लोगों को चाहिए कि वह छिड़काव आदि की व्यवस्था करें, लेकिन छिड़काव आदि खानापूर्ति के लिए होता है। दिनभर धूल उड़ने से लोगों को सांस संबंधी बीमारी होने लगी है।
देश के 107 शहरों में चौथे नंबर पर जनपद
सोमवार को देश के सबसे प्रदूषित शहरों में कर्नाटक का कालबुर्गी 500 एक्यूआई रहने से पहले नंबर पर रहा। जबकि मुरादाबाद का 387, ग्रेटर नोएडा का 384 और बुलंदशहर व फतेहाबाद का 379 एक्यूआई रहा। वहीं, पांचवें नंबर पर नोएडा का 376 एक्यूआई मापा गया।
बोले लोग
दो माह से सड़कों पर धूल उड़ रही है। निर्माण कार्य करने वाली संस्था द्वारा न तो छिड़काव करवाया जा रहा है और न ही सड़क निर्माण कराया जा रहा है।
सुरेंद्र कुमार
धूल उड़ने से कॉलोनी में लोगों को खांसी की बीमारी और सांस लेने में परेशानी हो रही है। कई बार विभाग को अवगत कराया जा चुका है। लेकिन कार्यदायी संस्था सुनने को तैयार नहीं है।
राजवीर सिंह
धूल-मिट्टी न उड़े इसके लिए स्वयं छिड़काव करना पड़ रहा है। जबकि यह कार्य जल निगम का है। जो नाममात्र छिड़काव कराकर इतिश्री कर लेती है।
वीरेंद्र सिंह
कई माह पूर्व चांदुपर रोड पर सीवर लाइन का कार्य शुरू हुआ था। लेकिन कार्यदायी संस्था द्वारा सड़क को न तो समतल किया गया और न ही खोदी गई मिट्टी को सही तरीके से हटाया गया है।
नाजिर
उपचुनाव के चलते सड़क निर्माण पर रोक लगी हुई है। चुनाव संपन्न होते ही जल्द से जल्द सड़क का निर्माण करा दिया जाएगा। मार्ग पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। संबंधित ठेकेदार को भी समय-समय पर पानी का छिड़काव कराने को निर्देश दिए जाएंगे।
- एसके शर्मा, एक्सईएन जल निगम
जनपद में वायु प्रदूषण का ग्राफ बढ़ा है। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एनजीटी के निर्देश पर कार्रवाई की जा रही है। जिले में प्रदूषण को रोकने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
- आशुतोष चौहान, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी