एक्यूआई 350 के पार, पराली-कूड़ा जल रहा लगातार
बुलंदशहर। जिले का एक्यूआई रविवार को 350 के पार रहा। बावजूद इसके पराली और कूड़ा जलने का सिलसिला जारी है। रविवार को स्याना मार्ग पर हाइवे किनारे खेतों में पराली जलती नजर आई। पराली जलने से जिले का वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है और संबंधित अधिकारी अनजान बने हुए है। कार्रवाई न होने से कूड़ा और पराली जलाने की घटनाएं जिले में रुक नहीं रही है। रविवार को जिले का एक्यूआई 369 मापा गया।
नगर समेत जनपदभर में धान की पराली और कूड़ा जलाने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है। जबकि विभागीय अफसर सेटेलाइट से रिपोर्ट मिलने का इंतजार करते रहते हैं। अभी तक सेटेलाइट से 12 मामले सामने आ चुके है। इसके बावजूद विभागीय अफसर अनजान बने हैं। शनिवार रात को स्याना हाइवे स्थित बुलंदशहर-औरंगाबाद मार्ग पर हाइवे किनारे स्थित खेतों में धान की पराली को आग के हवाले कर दिया गया। जिसका धुंआ सुबह तक उठता नजर आया। वहीं, रविवार को दिन के समय में भी खेतों में पराली जलती नजर आई। जबकि इस मार्ग से प्रशासनिक अफसरों को प्रतिदिन आना जाना लगा रहता है। पराली जलाने से रोकने के लिए शासन के निर्देश पर ग्राम पंचायत स्तर पर क्षेत्रीय लेखपाल, पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान, पुलिस और कृषि विभाग के कर्मचारी तैनात हैं। पर अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी गत माह में पराली जलाने का एक भी मामला नहीं पकड़ पाए है। उधर, प्रशासनिक अफसरों की मानें तो कूड़ा और पराली जलाते मिलने पर संबंधित पर जुर्माना लगाने के साथ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
22 लोगों पर लगाया जा चुका है जुर्माना
पराली जलाने और कूड़े को आग के हवाले करने पर अब तक जनपद में 21 लोगों पर जुर्माना भी लगाया जा चुका है। 11 किसानों पर कृषि विभाग ने जुर्माना लगाया है, जबकि चार किसानों पर जिला प्रशासन की ओर से जुर्माना लगाया गया है। इसी तरह डिबाई एसडीएम और तहसीलदार के आदेश पर सात किसानों पर जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की राशि 2500 से लेकर 5000 रुपये तक है।
तीसरे दिन भी एक्यूआई 300 के पार
दिवाली से पूर्व ही जिले का एक्यूआई 23 अक्तूबर से 300 के पार चल रहा है। जिससे जिले की हवा जहरीली होती जा रही है। वहीं, सुबह के समय लोगों को सांस लेने में परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। रविवार को जिले का एक्यूआई 369 मापा गया। जो अब तक का सर्वाधिक रहा। फिजीशियन डॉ. राहुल भारद्वाज ने बताया कि धुएं के कारण सांस के मरीजों की परेशानी काफी बढ़ जाती है। कूड़ा-कचरा या प्लास्टिक जलाने के कारण वायु में प्रदूषण की मात्रा बढ़ने से छोटे-छोटे कण सांस के साथ अंदर चले जाते हैं, जिससे सांस लेने में परेशानी बढ़ जाती है।
कूड़ा जलाने पर पालिका तो पराली जलाने पर कृषि विभाग को कार्रवाई करने का अधिकार है। यदि किसी क्षेत्र में कूड़ा और पराली जलाए जा रहे हैं तो संबंधित विभाग को अवगत कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। वायु प्रदूषण को बढ़ने से रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। - आशुतोष चौहान, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी