केंद्र सरकार पर तानाशाही का आरोप लगा सियासी दल बृहस्पतिवार को सड़कों पर उतर आए। कांग्रेस, रालोद और आप कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में जमकर हंगामा किया। कांग्रेसी जहां डीएम की कुर्सी और मेज पर चढ़ गए वहीं रालोद कार्यकर्ताओं ने डीएम दफ्तर के बाहर पीएम मोदी के खिलाफ नारबाजी की।
आप कार्यकर्ताओं ने काला आम चौराहे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पुतला फूंका और कलक्ट्रेट में हंगामा किया। रिटायर फौजियों को वन रैंक वन पेंशन का लाभ नहीं मिलने और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी से खफा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय पर बैठक की।
जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी ने कहा कि राहुल गांधी रिटायर फौजी के परिवार को सांत्वना देना चाहते थे, लेकिन केंद्र के इशारे पर पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया। जिलाध्यक्ष ने प्रकरण की न्यायिक जांच और पुलिस के बड़े अफसरों को बर्खास्त करने की मांग की। बैठक के बाद कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और सुरक्षा घेरा तोड़कर डीएम के वेटिंग कक्ष में घुस गए।
कार्यकर्ताओं ने एसडीएम सदर सुनील कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा। शहर अध्यक्ष मुनीर अकबर, प्रदेश प्रवक्ता श्यौपाल सिंह, जिला पंचायत सदस्य सुनील चरौरा, पीसीसी सदस्य जगमाल सिंह मावई और निजाम मलिक आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता सुभाष गांधी और संचालन आदर्श देव ने किया।
रालोद ने बोला डीएम दफ्तर में ‘हल्ला’
बुलंदशहर। वन रैंक वन पेंशन की आड़ में केंद्र सरकार पर रिटायर सैन्य कर्मियों से फरेब का आरोप लगा रालोद कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। जिलाध्यक्ष राजीव चौधरी की अगुवाई में कार्यकर्ता हंगामा और नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम दफ्तर के सामने नारेबाजी करने लगे।
ज्ञापन सौंपने के बाद कार्यकर्ता शांत हुए। जिलाध्यक्ष राजीव चौधरी ने कहा कि कर्नल वीके सिंह जैसे मंत्रियों पर विधानसभा चुनाव में जनता लगाम कस देगी। प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र लौर, आसिफ गाजी, चौधरी कुंवरवीर सिंह, डा. शुजात अली, फरमान अली, दीपू सिरोही और उम्मेद आदि रहे।
आप ने फूंका प्रधानमंत्री का पुतला
बुलंदशहर। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष शिशौदिया को फौजी परिवार को सांत्वना देने से रोकने पर आप कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को पीएम नरेंद्र मोदी को पुतला फूंका। आप कार्यकर्ताओं ने शहीद सैनिक के परिवार की गिरफ्तारी को शर्मनाक करार दिया।
एमपी में शहीद कांस्टेबिल के परिजनो से मिलने जब सीएम शिवराज सिंह चौहान जाते हैं तो वह राष्ट्रवाद और दिल्ली में यदि सीएम केजरीवाल शहीद के परिजनों को सांत्वना देने को निकलते हैं तो उनको गिरफ्तार कर लिया जाता है।