संवाद न्यूज एजेंसी
खुर्जा। कोतवाली क्षेत्र से छह दिन पूर्व लापता हुई 12 वर्षीय बच्ची की बरामदगी के लिए शुक्रवार को पीड़ित परिजन कोतवाली पहुंचे तो उन्हें कोतवाल की फटकार सुननी पड़ी। आरोप है कि कोतवाल ने उन्हें मुकदमा दर्ज करने की धमकी दे डाली। जिसके बाद पीड़ित के साथ कोतवाली पहुंचे व्यापारियों ने कोतवाली में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस उल्टा पीड़ित पक्ष की ही गलतियां गिना रही है।
खुर्जा की कालिंदी कुंज के पास कांशीराम आवास निवासी अनीता ने 29 जनवरी को कोतवाली में शिकायती पत्र दिया था। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी की दोपहर करीब एक बजे उनकी 12 वर्षीय बेटी नैनसी घर के बाहर खेल रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाली शालू उसको बहला-फुसला कर अपने साथ ले गई। बाद में शालू और नैनसी वापस नहीं आए। ऐसे में महिला ने अपनी बच्ची की तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने शालू के खिलाफ अपहरण के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रही है। बच्ची को अपहृत हुए छह दिन से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन, पुलिस बरामदगी तो दूर परिजनों से ठीक से बात तक नहीं कर रही है। बच्ची के परिजन शुक्रवार को कोतवाली पहुंचे तो कोतवाली प्रभारी ने उनको धमकाकर भगा दिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस उनकी ही गलती गिना रही है और उनके ही खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की धमकी दे रही है। परिजनों को धमकाने की सूचना अन्य व्यापारियों को लगी तो शाम करीब सात बजे परिजनों के समर्थन में आसपास के व्यापारी कोतवाली पहुंच गए और पुलिस के गलत व्यवहार पर आपत्ति जताकर काफी देर तक कोतवाली में हंगामा किया।
खुर्जा व्यापार मंडल के अध्यक्ष चिराग गर्ग ने बताया कि छह दिन का समय बीत जाने के बाद भी बच्ची को बरामद नहीं किया गया है। पुलिस परिजनों की ही गलती निकाल रही है। पुलिस से बच्ची की बरामदगी और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। इस दौरान श्याम सुंदर, दुष्यंत जैन, पूरन चंद, अमित, जितेंद्र मौजूद रहे।
कोतवाल अजय कुमार ने बताया कि बच्ची के परिजनों के साथ कोई गलत व्यवहार नहीं किया गया। बच्ची की अभी कोई जानकारी नहीं है। नैनसी के परिजनों ने आरोपी लड़की शालू के परिजनों से मारपीट की थी। उनको कहा गया था कि कानून अपने हाथ में न लें, नहीं तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा।