शिकारपुर। मेरठ-बदायूं स्टेट हाईवे-18 पर लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने शिकारपुर क्षेत्र में दुर्घटना संभावित स्थानों को चिह्नित कर विशेष अभियान शुरू कर दिया है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र में साईं धाम से लेकर तहसील भवन तक कई स्थानों को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है, जहां हादसों की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी। जनपद के 12 थाना क्षेत्रों में दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और घायलों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 12 सीसी टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘जीरो फैटैलिटी डिस्ट्रिक्ट’ कार्यक्रम के अंतर्गत कार्य करेंगी।
प्रत्येक टीम में एक सब इंस्पेक्टर, दो कांस्टेबल अथवा हेड कांस्टेबल तथा दो ट्रैफिक पुलिस कर्मी शामिल किए गए हैं। सीसी टीमें ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करेंगी, दुर्घटनाओं की जांच करेंगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी करेंगी। विशेष रूप से शराब पीकर वाहन चलाने, खतरनाक तरीके से ड्राइविंग करने तथा ओवरलोड अथवा अतिरिक्त सवारी बैठाकर वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा थाना स्तर पर सेकेंड मोबाइल टीम भी सहायता के लिए सक्रिय रहेगी।
प्रथम चरण में साईं धाम, परशुराम चौक, भगत जी होटल, बाराखंबा चौराहा, जहांगीराबाद चुंगी, सीओ कार्यालय के सामने, भगत सिंह चौक तथा तहसील क्षेत्र में बैरियर लगाए जाएंगे। प्रत्येक ब्लैक स्पॉट पर दिन के समय अलग से दो पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी। भविष्य में अन्य विभागों के सहयोग से हाईवे पर ट्रैफिक लाइट, संकेतक बोर्ड एवं चेतावनी चिन्ह लगाने की भी कार्रवाई की जाएगी। नोडल अधिकारी एसपी सिटी अभिषेक प्रकाश अजय, तथा सीओ ट्रैफिक पूर्णिमा सिंह ने शिकारपुर क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
इनसेट : रोज गुजरती हैं 800 रोडवेज बसें
मेरठ-बदायूं स्टेट हाईवे पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार इस मार्ग से प्रतिदिन 24 घंटे में उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम की लगभग 800 रोडवेज बसें गुजरती हैं। इसके अतिरिक्त निजी बसें, ट्रक, कार, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य छोटे-बड़े वाहनों की संख्या इससे कई गुना अधिक है। भारी यातायात दबाव के चलते इस हाईवे पर सड़क दुर्घटनाएं आम होती जा रही हैं, जिसे देखते हुए प्रशासन ने अब सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।