शराब की दुकानों के गिरे शटर, अनिश्चितकालीन हड़ताल
बुलंदशहर। शराब कांड में शराब ठेके के अनुज्ञापी, उसके रिश्तेदार और सेल्समैन को गिरफ्तार किए जाने के विरोध में जिलेभर के शराब ठेका संचालक रविवार को सड़क पर उतर आए। जिले के सभी शराब ठेके बंद रखकर आबकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने न्याय न मिलने तक ठेके बंद रखने की चेतावनी दी है। वहीं, अनिश्चितकालीन हड़ताल के बावजूद शाम तक अफसरों ने अनुज्ञापियों से बात तक नहीं की है।
गौरतलब है कि सिकंदराबाद के गांव जीतगढ़ी में जहरीली शराब से छह लोगों की मौत हो गई थी। गांव जीतगढ़ी के ही मुख्य आरोपी कुलदीप को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस के द्वारा पड़ोसी गांव मंडावरा स्थित देशी शराब ठेके को सील कर दिया गया। शराब ठेके के अनुज्ञापी सुधीर कुमार और सेल्समैन को हिरासत में ले लिया गया। जब ठेकेदार सुधीर के दो रिश्तेदार वहां पहुंचे तो उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की मनमानी पर जिलेभर के शराब ठेकों के संचालकों में रोष पनप गया। रविवार को शराब ठेकों को बंद रखते हुए संचालकों ने कलक्ट्रेट स्थित आबकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। बाद में आबकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें बताया गया कि जहरीली शराब कांड में शराब ठेके के ठेकेदार सुधीर कुमार, उसके रिश्तेदारों एवं सेल्समैन का कोई दोष नहीं है। इसके बावजूद सिकंदराबाद पुलिस द्वारा उनको गिरफ्तार किया गया है। यदि निर्दोषों को नहीं छोड़ा गया तो दुकानें बंद रखकर उसकी चाबी विभाग को सौंप दी जाएगी। इस अवसर पर जीत सिंह, कुलदीप राजौरा, भुवनेश्वर सिंह, कुलवंत सिंह, हुकमपाल सिंह, सुखवीर, संजीव कुमार, तसलीम, अमित कुमार, प्रशांत शर्मा, विनोद शर्मा, संजय सोलंकी, धीरज चौधरी आदि उपस्थित रहे।
अचानक दुकान बंद होने से शराब पीने वालों की बढ़ी बेचैनी
रविवार सुबह करीब 11 बजे ही जनपदभर के अधिकतर शराब ठेकेदार आबकारी कार्यालय पहुंच गए थे। लेकिन, वहां किसी अधिकारी के मौजूद न रहने और कोई आश्वासन न मिलने पर गुस्साए ठेकेदारों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। साथ ही दोपहर करीब 12 तक जनपदभर के सभी ठेकों को बंद करा दिया गया। अचानक शराब के ठेके बंद होने से शराब पीने वालों की बेचैनी भी बढ़ गई है। लोग ठेके खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित
जनपदभर में देसी शराब की 227 दुकानें, अंग्रेजी शराब की 118 दुकानें और बीयर की 112 दुकानें हैं। इसके अलावा आठ मॉडल शॉप भी हैं। रविवार को शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण यह सब दुकानें बंद हैं। सूत्रों की मानें तो दुकान बंद होने से प्रतिदिन करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होगा। अकेले देसी शराब से ही करीब 1.25 करोड़ से 1.50 करोड़ रुपये तक का कारोबार प्रतिदिन होता है।