एक साथ गांव में जलीं पांच चिताएं, सिहर उठे लोग
सिकंदराबाद। कोतवाली क्षेत्र के गांव जीतगढ़ी में एक साथ पांच चिताओं के जलने से गांव के लोग सिहर उठे। एक साथ पांच मौतों से हर आंख नम थी। वहीं, गांव में पूरी तरह से शोक छाया हुआ था। सभी चेहरों पर गम और गुस्सा साफ झलक रहा था।
ग्राम जीतगढ़ी निवासी सुखपाल, सतीश, कलुआ, सरजीत, पन्नालाल की मौत से पूरा गांव शोक में डूब गया। शाम करीब पांच बजे पोस्टमार्टम के बाद सभी मृतकों के शव गांव में पहुंचे। शवों के गांव में पहुंचते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मृतकों के घर पर पहुंच गए। गांव में एक साथ पांच शवों के पहुंचने से ग्रामीण सिहर उठे। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जहां अपने को खोने के गम में मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं गांव के हर एक सदस्य की आंख नम थी। पूरे गांव में मायूसी छाई हुई थी। हर ओर मौत का सन्नाटा था। जिसे देखो वो ही खामोश था। गम में डूबे ग्रामीण एक दूसरे को चुपचाप देखे जा रहे थे। शोक का आलम यह था कि ग्रामीण एक दूसरे से बात तक नहीं कर पा रहे थे। शवों के पहुंचने के करीब एक घंटा बाद सभी मृतकों का एक साथ अंतिम संस्कार कर दिया। श्मशान मेें एक साथ जलती पांच चिताओं को देख हर किसी का दिल दहल गया। अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम रहे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
गांव में नहीं जले चूल्हे
एक साथ पांच मौत से गांव का हर आदमी गमगीन था। गांव के सभी लोग मृतकों के परिवार के लोगों के दुख में शामिल थे। कोई मृतक के परिवारों को ढांढस बंधा रहा था तो कोई उनके साथ गमगीन बैठा हुआ था। गांव के किसी भी घर में कोई चूल्हा नहीं जल रहा था।
मृतकों के परिवारों को 20 लाख मुआवजे की मांग, दिया धरना
सिकंदराबाद। शराब के सेवन से हुई पांच लोगों की मौत के बाद गांव पहुंचे आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष मदन पाल सिंह गौतम मृतकों के परिजनों को उनके भरण-पोषण के लिए 5 सूत्री मांगों को लेकर जिलाधिकारी को संबोधित एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। आजद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ ग्रामीण मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए । एसडीएम और अन्य अफसरों ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिला धरना समाप्त कराया। आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों ने मृतकों के परिवारों को 20 लाख की आर्थिक मदद, परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी, परिवार के लिए पक्का मकान, 20 बीघा जमीन का पट्टा देने और किसी भी प्रकार का सरकारी कर्ज माफ करने समेत अवैध शराब का कारोबार करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। एसडीएम रवि शंकर सिंह ने हर संभव मदद का भरोसा दिया।