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पोस्टमार्टम हाउस पर खुली अव्यवस्था की पोल

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पोस्टर्माटम हाउस पर खड़े मृतकों के परिजन। - फोटो : BULANDSHAHR
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पोस्टमार्टम हाउस पर खुली अव्यवस्था की पोल
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बुलंदशहर। सिकंदराबाद क्षेत्र में शुक्रवार को अवैध शराब पीने से पांच लोगों की मौत की घटना के बाद शवों का पोस्टमार्टम करने में चिकित्सकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। दरअसल पुलिस ने शवों का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया। पोस्टमार्टम हाउस में एक टेबल होने की वजह से एक समय में अधिक शव पोस्टमार्टम के लिए आने पर टीम को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
गाजियाबाद के मुरादनगर हादसे के बाद वहां के डीएम ने पोस्टमार्टम केंद्र की अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। कमोबेश वही हाल यहां जिले के एकमात्र जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम केंद्र का है। कहने को तो कई वर्षों पूर्व शिकारपुर बाईपास पर शवगृह बनाया गया था। लेकिन जिला अस्पताल से दूरी और स्टाफ की वजह से जिला अस्पताल के शवगृह में ही पोस्टमार्टम किए जाते हैं। यहां औसतन हर दिन दो से तीन पोस्टमार्टम होने के बाद भी एक ही टीम काम करती है। किसी हादसे के बाद अधिक लोगों के शव पोस्टमार्टम के लिए आने पर एक टेबल होने से अधिक समय लगता है। शुक्रवार को सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव जीतगढ़ी में जहरीली शराब पीने से पांच लोगों के शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस पर लाए गए। सभी के पोस्टमार्टम करने में चिकित्सकों को लगातार पांच घंटे केंद्र में बिताने पड़े।
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रात एक बजकर 15 मिनट पर आए थे पहल दो शव
सिकंदराबाद के गांव जीतगढ़ी निवासी कलवा और सतीश के शव बृहस्पतिवार रात्रि एक बजकर 15 मिनट पर जिला अस्पताल लाए गए। इसके बाद तीसरे व्यक्ति सरजीत का शुक्रवार दोपहर 12.55 पर, चौथे व्यक्ति पन्नालाल का 1.47 बजे और पांचवें व्यक्ति सुखपाल का शव 1.50 बजे पोस्टमार्टम हाउस में लाए गए, जहां चिकित्सकों की टीम द्वारा दस्तावेज पूर्ण होने पर 11.50 बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। सर्वप्रथम सतीश के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद चार बजकर 10 मिनट तक सभी के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की गई। चिकित्सक के अनुसार, एक शव में अमूमन एक घंटे का समय लग जाता है।
प्रशासनिक अफसरों ने भी की मरीजों से पूछताछ
जहरीली शराब पीने से बीमार लोगों का प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल से लेकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल में संजय पुत्र वेदराम, अजय पुत्र सौरभ, वीरेंद्र पुत्र सूखा को गंभीर स्थिति होने पर डायलिसिस पर रखा गया तो भगवत पुत्र नत्थी, ऋषिपाल पुत्र रनवीर सिंह और सूरजभान पुत्र नत्थू सिंह को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया, जिन्हें देखने के लिए मंडलायुक्त अनीता सी मेश्राम, आईजी प्रवीण कुमार, डीएम रविंद्र कुमार, एसएसपी संतोष कुमार सिंह समेत पुलिस विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का आना जाना लगा रहा।
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जिला अस्पताल में गंभीर रूप से भर्ती किए गए सभी मरीजों का उपचार किया जा रहा है। मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए एक टीम तैनात की गई है। कुछ मरीज उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती किए गए हैं, जिनकी पल-पल की जानकारी ली जा रही है।
- डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ
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