सैनिक गांव सैदपुर के ग्रामीणों के ज्यादातर सपूत भले ही सीमा पर दुश्मनों के दांत खट्टे कर हों लेकिन इस गांव में रहने वाले इनके परिजन रोज जहरीला पानी पीने को मजबूर हैं। सैनिक गांव सैदपुर मेंनलों से निकले पानी का टीडीएस 800 के पार पहुंच गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी की टंकी की आधे गांव में पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है लेकिन पांच साल बाद भी पानी का एक बूंद भी घरों तक नहीं पहुंच रहा है। पानी के बढ़ते प्रदूषण से गांव में गंभीर बीमारियों से अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोग काल के गाल में समा चुके है। ग्रामीणों ने विधायक-सांसद सहित डीएम से टंकी जल्द चालू कराने की मांग की है।
बीबीनगर क्षेत्र का गांव सैदपुर सैनिकों के गांव के नाम से अपनी पहचाना बना चुका है। देश की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने स्वयं गांव में आकर सैदपुर की माटी व सैनिकों की माताओं को नमन किया था। आज सैदपुर गांव के वाशिंदे पानी के रूप में जहर पीकर गंभीर बीमारियों के चपेट में आ रहे हैं।
ग्रामीणों राजबहादुर सिंह, अजय कौशिक, सूबेदार स्वरूप सिंह, जुगेंद्र सिंह तथा राजू सिरोही का कहना है कि घरों में लगे नलों के पानी का टीडीएस 800 के पार पहुंच गया है। जहरीला पानी पीने से इंद्रजीत सिंह, अमरजीत सिंह, ब्रजपाल सिंह, मेघराज सिंह तथा ऋृषिपाल सिंह पहले ही काल के गाल में समा चुके हैं।
ग्राम विकास संघर्ष मोर्चे सैदपुर के संयोजक सुरेंद्र सिंह सिरोही ने बताया कि गांव में टंकी चालू कराने के लिए कई बार जल निगम, तहसील दिवस, पंचायती राज्य विभाग तथा डीपीआरओ को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। लेकिन किसी भी अधिकारी ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से नही लिय
ग्राम प्रधान धीरज कुमार सिरोही ने बताया कि आधे गांव में बिछाई गई पाइप लाइन गुणवत्ता के अनुरूप नही है, जिसके चलते टंकी चालू नही हो पाई। ग्रामीणों ने सांसद,विधायक सहित जिलाधिकारी से हस्तक्षेप करने की मांग की है।