समाजवादी पार्टी के शीर्ष स्तर पर चल रही उठापटक का असर जिले की सियासत पर पड़ना तय है। हालांकि घटनाक्रम पर सपा के बड़े नेता कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। पदाधिकारी चुप भले ही हों लेकिन इतना तो साफ है कि पार्टी को विधानसभा चुनाव में खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
हालिया घटनाक्रम से कई सपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी असंमजस की स्थिति में है। विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। इस समय पार्टी का जोर प्रचार प्रसार पर होना चाहिए था, मगर सपा का कुनबा आपस की लड़ाई में उलझा हुआ है।
इससे स्थानीय पार्टी पदाधिकारी समझ नहीं पा रहे हैं कि क्या करें? रविवार को सपा जिलाध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी कार्यालय पर घटनाक्रम की चर्चा की। सभी ने कहा जल्द ही राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव तमाम समीकरणों को ठीक कर लेंगे। समाजवादी वोटर जरूर कंफ्यूज हैं।
वहीं, हालिया घटनाक्रम से पार्टी को जनपद में सियासी नुकसान हो सकता है। आपसी तकरार के बीच सपा का बुनियादी वोट खिसका सकता है। बता दें कि जनपद में शिकारपुर और डिबाई सपा की सीट हैं।
हालांकि सपा आला कमान ने डिबाई और शिकारपुर के विधायकों को पार्टी से बाहर रखा हुआ है। सब कुछ जल्द ठीक नहीं किया गया तो यहां भी नुकसान होना लाजमी है।
नेताजी ने समाजवादी पार्टी को खड़ा किया है। वह जल्द ही सब कुछ पटरी पर ले आएंगे। इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव पर नहीं पड़ेगा। कार्यकर्ता, पदाधिकारी और प्रत्याशी गांव गांव जाकर पार्टी हित में काम कर रहे हैं।
- दिनेश गुर्जर, जिलाध्यक्ष, सपा
जल्द ही प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक होनी है। बैठक के बाद सब साफ हो जाएगा। नेताजी सियासत के मजे हुए खिलाड़ी है वह जल्द ही सब कुछ ठीक कर देंगे।
- किरनपाल सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष सपा