पीएफआई एजेंटों की तलाश में एसटीएफ ने मारा छापा, दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद छोड़ा
बुलंदशहर। आतंकी फंडिंग के सिलसिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के निर्देश पर एसटीएफ ने मंगलवार तड़के पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के जनपद में रह रहे सदस्यों की तलाश में छापा मारा। बुलंदशहर नगर के ऊपरकोट इलाके से अब्दुल खालिक और स्याना से एक अधिवक्ता को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद दोनों को पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने दोनों का शांतिभंग में चालान कर दिया है।
एसटीएफ की टीम तड़के तीन बजे नगर कोतवाली से चंद कदम दूर ऊपरकोट मोहल्ले में अब्दुल खालिक के घर पहुंच गई थी। सोते समय ही अब्दुल खालिक को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पूरे घर को टीम ने खंगालना शुरू किया। वहां से मिले जरूरी दस्तावेज भी टीम अपने साथ ले गई। पूछताछ के बाद शाम को छोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने अब्दुल खालिक का शांतिभंग में चालान कर दिया। दूसरी टीम ने स्याना के मोहल्ला चौधरियान निवासी अधिवक्ता अफजाल के घर दबिश देकर उन्हें भी हिरासत में ले लिया। दोपहर करीब दो बजे तक टीम ने अफजाल से कोतवाली परिसर में पूछताछ की। इसके बाद पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने अफजाल का भी शांतिभंग में चालान कर दिया है। साथ ही मुचलका पाबंद भी किया गया है। अफजाल मेरठ और स्याना में प्रैक्टिस करते हैं। हालांकि जनपद के पुलिस अधिकारी इस संबंध में कुछ भी जानकारी देने से बचते रहे।
अब्दुल खालिक सपा व एआईएमआईएम से जुड़े रहे
परिजनों ने बताया कि अब्दुल करीब 18 वर्ष तक समाजवादी पार्टी में रहे। इस दौरान सपा के नगर अध्यक्ष भी रहे। इसके बाद एआईएमआईएम पार्टी ज्वाइन की, लेकिन कुछ महीने में ही इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद पीएफआई से जुड़े। परिजनों का कहना है कि मात्र 15 से 20 दिन में ही पीएफआई को भी छोड़ दिया था। वर्तमान में कालाआम के निकट एक स्कूल का संचालन कर रहे थे। परिजनों का आरोप है कि अब्दुल को जबरन फंसाया जा रहा है।
ऑनलाइन काम करते हैं दोनों बेटे
अब्दुल खालिक के पुत्र उवैद और जैद ने बताया कि वह दोनों ऑनलाइन कार्य करते हैं। एसटीएफ उनके दो लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन भी ले गई। बेटों का कहना है कि एसटीएफ उनके पिता को कोतवाली ले गई थी। वह लोग कोतवाली पहुंचे तो वहां से भगा दिया गया।