बुखार से तप रहे मरीजों को फार्मासिस्टों की हड़ताल का सामना करना पड़ा। जिलेभर के सरकारी अस्पतालों पर फार्मासिस्टों के न होने से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह चरमरा गईं। फार्मासिस्टों ने सीएमओ दफ्तर में धरना दिया और आंदोलन का एलान किया है।
उत्तर प्रदेश डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले जिलेभर के फार्मासिस्टों ने सीएमओ दफ्तर पर धरना दिया। धरने में प्रांतीय नेता डॉ. जगदीश पाल तेवतिया ने कहा कि फार्मासिस्ट संवर्ग की वेतन विसंगतियों, पद सृजन, संवर्ग का पुनर्गठन सहित सभी मांगों पर लगातार मांग के बावजूद कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है।
डॉ. तेवतिया ने कहा कि महानिदेशालय द्वारा पदोन्नति भी नहीं की जा रही है। डॉ. तेवतिया ने कहा कि 10 से 19 सितंबर तक काला फीता बांधकर और दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया जाएगा। 20 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। शाम को धरना खत्म कर फार्मासिस्टों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सीएमओ को सौंपा।
इस दौरान जिलाध्यक्ष डॉ. योगेश गुप्ता, डॉ. राजकुमार सिंह, डॉ. भूपेंद्र शर्मा, डॉ. विपिन गुप्ता, डॉ. आरसी वर्मा, डॉ. डीके दुबे, डॉ. अजय शर्मा मौजूद रहे।