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Bulandshahar News: अस्पताल में खून की जांच नहीं होने से मरीज परेशान

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संवाद न्यूज एजेंसी
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खुर्जा। नगर में स्थित जटिया अस्पताल में पिछले तीन दिन से रक्त जांच नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में लोगों को बिना उपचार और जांच के वापस लौटना पड़ रहा है। वहीं, निजी लैब व अस्पताल में महंगी दरों में जांच करानी पड़ रही हैं।
खुर्जा के जटिया अस्पताल में रोजाना औसतन 600 से 700 मरीजों की ओपीडी होती है। वहीं सोमवार को सबसे अधिक 850 से अधिक मरीजों की ओपीडी हुई है। वहीं अस्पताल में शनिवार को मशीन खराब नहीं होने के कारण लीवर और किडनी संबंधित रक्त जांच नहीं बंद हो गई। ऐेसे में शनिवार को करीब 150 से अधिक मरीजों की जांच नहीं हो सकी, जिनको वापस लौटना पड़ा। वहीं सोमवार को करीब 200 से 250 अधिक मरीजों को बिना जांच के वापस लौटना पड़ा। ऐसे में दूर-दराज से आए मरीजों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। जहांगीरपुर, अरनिया, खुर्जा जंक्शन और खुर्जा देहात क्षेत्र से आए मरीजों को रक्त जांच के लिए निजी अस्पताल या लैब में जाना पड़ा, जिसमें करीब एक हजार से 1500 रुपये तक की जांच हो सकी।
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खुर्जा देहात क्षेत्र के बाड़ा गांव निवासी वृद्धा रुक्मणी ने बताया कि उनके पेट में पिछले 15 दिनों से दिक्कत चल रही है। शनिवार को अस्पताल में जांच कराने गई तो चिकित्सक ने रक्त जांच के लिए लिख दिया। पैथोलॉजी लैब में गई तो वहां जांच के लिए मना कर दिया गया। सोमवार को दोबारा गई तो मशीन खराब के लिए बोल दिया गया। ऐसे में पीड़िता मजबूरी में वापस लौट गई।
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पेट में दर्द, लिख दी विटामिन की दवाई
वृद्धा रुक्मणी ने बताया कि उनके पेट में दर्द हो रहा है। शनिवार को चिकित्सक को दिखाया तो खून की जांच लिख दी। सोमवार को दिखाया तो बिना किसी जांच के चिकित्सक ने विटामिन-डी और ऑमाप्राजोल के कैप्सूल दे दिए। अल्ट्रासाउंड के लिए चिकित्सक ने मना कर दिया।

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