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पंचायत चुनाव : आरक्षण जारी होते ही गांवों में चढ़ा सियासी पारा

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पंचायत चुनाव : आरक्षण जारी होते ही गांवों में चढ़ा सियासी पारा
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बुलंदशहर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सीटों का आरक्षण बुधवार को जिला प्रशासन की ओर से जारी कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने 951 ग्राम प्रधानों का आरक्षण जारी किया है, जबकि चुनाव 946 सीटों पर ही होगा। इस बार सिकंदराबाद क्षेत्र में पांच ग्राम पंचायत कम हो गई हैं। जिला पंचायत के 52 पदों और ब्लॉक प्रमुख के 16 पदों का भी आरक्षण जारी हो गया है। इसी तरह 1315 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 12147 वार्ड सदस्यों के पदों पर भी चुनाव लड़ा जाएगा।
जनपद में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की गत काफी दिनों से तैयारी चल रही है। शासन की ओर प्रधान समेत सभी सीटों पर होने वाले आरक्षण के लिए भी जिला प्रशासन को गाइडलाइन जारी कर दी थी। इसके अनुसार, जिला प्रशासन की ओर से वर्ष 1995 से लेकर 2015 तक हुए पंचायत चुनाव के आरक्षण को शामिल करते हुए ही इस बार के चुनाव की सीटों का आरक्षण जारी किया गया है। इस आरक्षण को लेकर सभी की निगाहें अटकी हुई थीं। हालांकि शासन के आदेश पर आरक्षण की अनंतिम सूची दो मार्च को जारी होनी थी, लेकिन किसी कारणवश जारी नहीं हो सकी। बुधवार को अनंतिम सूची जारी की गई। इसके जारी होते ही गांवों में सियासी पारा चढ़ गया है। साथ ही गत काफी समय से चुनावी तैयारी में जुटे प्रत्याशियों के सामने भी अब आरक्षण की तस्वीर साफ हो गई है। यह चुनाव भी लोकसभा और विधानसभा से कम नहीं है। गांव-दर-गांव आरक्षण के जारी होते ही बिसात बिछ चुकी है और प्रत्याशियों ने भी अपनी ताल ठोंक दी है। जिला पंचायती राज अधिकारी नन्दलाल के अनुसार अब आरक्षण की सूची जारी होने के बाद बृहस्पतिवार से आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। आठ मार्च तक आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। 10 से 12 मार्च के बीच आपत्तियाें का निस्तारण होगा। इसके बाद 13 या 14 मार्च को सूची का अंतिम प्रकाशन कराया जाएगा। साथ ही इसकी पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
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इस बार 322 ग्राम पंचायतों में होगी महिलाओं की सरकार
बुलंदशहर। जिला प्रशासन की ओर से जारी किए गए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रधान समेत अन्य पदों पर महिलाओं के लिए आरक्षित की गई सीट भी निर्धारित कर दी गई हैं। जनपद में 322 ग्राम पंचायतों में महिलाआें की सरकार होगी। जिला पंचायत की 18 सीटों पर महिलाएं चुनाव लड़ेंगी। जबकि, ब्लॉक प्रमुख की सीटों पर छह महिलाओं का कब्जा रहेगा।
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जनपद में ग्राम पंचायतों का आरक्षण जारी किया गया है। इसके अनुसार 322 गांवों में महिलाओं को प्रधान बनाने के लिए मौका दिया जा रहा है। इनमें अनुसूचित जाति की 73, ओबीसी की 92 और 157 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं, जबकि अनुसूचित जाति के पुरुषों के लिए 130 और ओबीसी के लिए 164 सीट निर्धारित की गई हैं। इसी तरह 335 सीट अनारक्षित हैं। जनपद में 16 ब्लॉक हैं और इनमें से छह सीट महिलाओं को आरक्षित की गई है, जबकि अनुसूचित जाति के पुरुष के लिए दो, ओबीसी पुरुष के लिए दो और छह सीट अनारक्षित हैं। इसी तरह जिला पंचायत सदस्य की 52 सीट हैं। इससे पहले यह सीटें 53 थी। लेकिन इस बार सिकंदराबाद क्षेत्र में एक सीट कम हो गई है। इन सीटों में से 18 सीटों पर महिलाएं चुनाव लड़ेंगी। आठ सीट अनुसूचित जाति के पुरुष के लिए, नौ सीट ओबीसी के लिए और 17 सीटें अनारक्षित हैं।
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