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आफत बनकर बरसे मेघ: तेज हवा और बारिश ने खेतों में बिछाई धान-गन्ने की फसल, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

Sun, 27 Sep 2026 11:38 AM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर

सार

शनिवार रात मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसलें गिर गईं। कई खेतों में धान की बालियां जमीन से लग गई हैं। किसानों का कहना है कि धान की फसल पककर तैयार हो चुकी थी और जल्द ही कटाई शुरू होनी थी। ऐसे में बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
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बुलंदशहर में फसलों को नुकसान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बुलंदशहर जिले में शनिवार रात तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में कटाई के लिए तैयार धान की फसल तेज हवा के चलते जमीन पर बिछ गई, वहीं गन्ने की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में जलभराव होने से धान के दाने काले पड़ने और फसल के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। किसानों के अनुसार, बारिश और तेज हवा से धान की फसल को करीब 20 और गन्ने को 25 फीसदी से अधिक नुकसान होने का अनुमान है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से खराब फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। 

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शनिवार रात मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसलें गिर गईं। कई खेतों में धान की बालियां जमीन से लग गई हैं। इससे फसल की कटाई प्रभावित होने के साथ ही दाने खराब होने की आशंका भी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि धान की फसल पककर तैयार हो चुकी थी और जल्द ही कटाई शुरू होनी थी। ऐसे में बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

किसानों के मुताबिक, खेतों में पानी भरने और फसल के जमीन पर गिरने से धान के दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। यदि खेतों से जल्द पानी नहीं निकला तो दाने काले पड़ने और फसल सड़ने की आशंका है। वहीं, गन्ने की फसल गिरने से उसकी बढ़वार और पैदावार पर भी असर पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। 
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रविवार सुबह आसमान में बादल छाए रहे, हालांकि बीच-बीच में धूप भी निकली। रात में हुई बारिश के बाद मौसम में ठंडक महसूस की गई। रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में आए बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन खेतों में फसल गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।

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