दफ्तरों में बृहस्पतिवार को सरकारी मुलाजिम पान मसाला ही नहीं बीड़ी-सिगरेट भी पीते नजर आए। डीआईओएस कार्यालय में साहब सिगरेट पीते मिले तो विकास भवन में गंदगी का अंबार लगा दिखाई पड़ा। हालांकि सीडीओ ने निरीक्षण कर अफसरों को साफ सफाई का आदेश जरूर दिया है।
कलक्ट्रेट की विभिन्न पटलों पर कर्मचारियों के मुंह में गुटखा दबा रहा। अमर उजाला टीम ने पूछा कि सीएम का आदेश सरकारी दफ्तरों में पान मसाला और गुटखा वर्जित का है। इसपर मुंह में गुटखा चबाते हुए कई कर्मचारियों ने कहा आदत है धीरे धीरे ही छूटेगी।
डीआईओएस कार्यालय में एक बाबू हाथ में बीड़ी थामे दिखा तो दूसरे बाबू ने कैमरे की फ्लैश पड़ने से पहले ही बीड़ी फेंक दी। इतना नहीं डीआईओएस भवन के भीतर साहब ने कार खड़ी की हुई है। जहां कार खड़ी है वहां फरियादियों के बैठने का स्थान है। बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में कर्मचारी मसाला थूकते नजर आए।
विकास भवन में गंदगी का अंबार दिखा। फ्रिज के पास कीचड़ थी। कूड़ा निस्तारण नहीं होने से विकास भवन परिसर में कचरा जलाया जा रहा था। कचरे से उठा जहरीला धुआं आसपास खड़े लोगों का परेशानी में डाल रहा था।
बता दें मुख्य विकास अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन की प्रभारी हैं। ऐसे में उन्ही के दफ्तर में और एनजीटी के कचरा न जलाने के आदेश का उनके सामने उल्लंघन हो रहा है। ऐसा नहीं है कि सीडीओ को इसकी जानकारी नहीं मगर मैडम चुप्पी साधे हुए हैं।