अब मरीजों को घर के लिए मिल सकेगी ऑक्सीजन
बुलंदशहर। अब होम आइसोलेशन के दौरान भी यदि मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ेगी, तो वह आसानी से मिल सकेगी। इसके लिए मरीजों के परिजनों को खाली सिलेंडर खुद साथ लेकर जाना होगा। इमलिया स्थित प्लांट से तीमारदार चिकित्सक के परामर्श का पर्ची और आधार कार्ड दिखाकर ऑक्सीजन ले सकेंगे।
ऑक्सीजन की मांग अधिक व सप्लाई कम होने के कारण मई माह की शुरुआत में जिले में बड़े पैमाने पर मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही थी। जिला प्रशासन ने भी इमलिया स्थित प्लांट के संचालक को पत्र जारी करते हुए किसी भी निजी व्यक्ति को ऑक्सीजन की सप्लाई देने से इनकार कर दिया था। अब मांग के सापेक्ष सप्लाई बढ़ी तो जिला प्रशासन ने मरीजों को घऱ पर ऑक्सीजन की सुविधा देने की ओऱ कदम बढ़ाया है। डीएम रविंद्र कुमार ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब होम आइसोलेशन के मरीज को यदि चिकित्सक ऑक्सीजन लगाने की सलाह देते हैं तो उन्हें प्लांट से ऑक्सीजन मिल सकेगी। इसके लिए प्लांट पर चिकित्सक का परामर्श पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। साथ ही प्लांट पर एक रजिस्टर बनाकर ऑक्सीजन लेने वालों की एंट्री भी की जाएगी। जिला प्रशासन ने प्रति सिलेंडर की कीमत 450 रुपये तय की है।
होम आइसोलेशन में 30 फीसदी को चाहिए ऑक्सीजन, 6. 5 टन सप्लाई
प्रशासन का दावा है कि जिले में प्रतिदिन 6.5 टन ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही है। होम आइसोलेशन में 12 मई तक कुल 2896 मरीज हैं। इनमें से करीब 30 फीसदी लोगों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। यहां की मांग पूरी होने के बाद शेष एक टन ऑक्सीजन हापुड़ भेजी जा रही है।
मांगें अधिक रकम, तो यहां करें शिकायत
डीएम ने लोगों से आह्वान किया है कि जिस मरीज को ऑक्सीजन की आवश्यकता हो,उसी के परिजन ऑक्सीजन लेने जाएं। उन्होंने कहा कि यदि प्लांट का कोई भी कर्मचारी निर्धारित धनराशि से अधिक की मांग करता है तो इसके लिए 05732-283336, 283338 पर शिकायत कर सकते हैं।
डॉक्टर का पर्चा है जरूरी
यदि किसी मरीज के परिजनों को ऑक्सीजन लेने के लिए जाना है तो उन्हें जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित किए दस्तावेज लेकर जाने जरूरी होंगे। ब्लड टेस्ट, एक्स रे रिपोर्ट, सीटी स्कैन के आधार पर लक्षण युक्त कोरोना मरीज घोषित किया है तो संबंधित चिकित्सक के परामर्श का पर्चा और आधार कार्ड दिखाना जरूरी होगा। अगर मरीज कोरोना संक्रमित नहीं है भी आधार कार्ड और डॉक्टर का परामर्श वाला पर्चा अनिवार्य है।
ज्वलनशील पदार्थ और बच्चों की पहुंच से रखें दूर
ऑक्सीजन एक ज्वलनशील गैस है। इसका प्रयोग गैस वैल्डिंग के लिए भी किया जाता है। जिसके चलते घऱ पर मरीज को ऑक्सीजन देने के लिए यदि सिलेंडर रखा हुआ है तो उसके आसपास कोई ज्वलनशील पदार्थ नहीं होना चाहिए। साथ ही इसे बच्चों से दूर रखना चाहिए।
पल्स ऑक्सीमीटर से लें रीडिंग तभी लगाएं सिलिंडर
डा. अंकुर शर्मा के मुताबिक यदि किसी मरीज को सांस लेने में परेशानी हो रही है तो सबसे पहले पल्स ऑक्सी मीटर से ऑक्सीजन का स्तर जांच लें। इसके बाद यदि ऑक्सीजन का स्तर कम है तो रात को सोते समय अवश्य ऑक्सीजन लगाएं। क्योंकि सोने के दौरान ऑक्सीजन का स्तर गिरता है। ऑक्सीजन का फ्लो सेट करने के लिए आवश्यक है कि विशेषज्ञ चिकित्सक से बात अवश्य करें। बिना विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लिए बिना ऑक्सीजन का इस्तेमाल और खतरनाक हो सकता है।