बिजली आपूर्ति को लेकर बेशक प्रदेश सरकार अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन हकीकत में तस्वीर दावों से अलग है। बिजली आपूर्ति को लेकर जिला मुख्यालय पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा हवाई साबित हो रहा है। तहसील मुख्यालयों पर भी बेहिसाब बिजली कटौती से लोग आक्रोशित हैं।
पिछले कुछ दिनों से तो ट्रिपिंग और कटौती ने पब्लिक का जीना दुश्वार कर दिया है। शासन का निर्देश है कि जिला मुख्यालय पर 24 घंटे, तहसील और कस्बा स्तर पर 20 घंटे और गांवों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति होगी। लेकिन जैसे-जैसे गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, बिजली कटौती भी बढ़ती जा रही है।
रात-रातभर ट्रिपिंग होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। नगर ही नहीं गांव में भी ट्रिपिंग ने लोगो का हाल बेहाल कर दिया है। जिला मुख्यालय में 24 घंटे बिजली आपूर्ति आदेश के सापेक्ष महज 16 से 18 घंटे, तहसील और कस्बों में 20 घंटे बिजली आपूर्ति के सापेक्ष 14 से 15 घंटे और गांवों में 18 घंटे के सापेक्ष 11 से 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति की जा रही है।
लोकल फॉल्ट भी बने मुसीबतः बिजली आपूर्ति की राह में लोकल फॉल्ट भी बड़ी मुसीबत बने हुए हैं। लोकल फॉल्ट के कारण बिजली कटौती बढ़ रही है। शेड्यूल के समय लोकल फॉल्ट होने के कारण लोगों को अतिरिक्त बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है।
धूप में धरने पर बैठे व्यापारी एक्सईएन को भी बैठाए रखा
जहांगीराबाद (ब्यूरो)। दिनों दिन बढ़ रहा गर्मी के बीच हो रही ताबड़तोड़ कटौती को लेकर मंगलवार को व्यापारी भड़क उठे। व्यापार मंडल के कार्यकर्ताओं ने विद्युत डिवीजन कार्यालय पर धूप में ही धरना शुरू कर दिया।
ज्ञापन लेने पहुंचे एक्सईएन को भी प्रर्दशनकारियों ने जबरन अपने साथ ही बिठा लिया और शेडयूल के मुताबिक 18 घंटे सुचारु रूप से आपूर्त्ति कराने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। मांगें पूरी न होने पर धरना-प्रर्दशन की चेतावनी दी। एक्सएईन विनोद कुमार ने कहा कि बिजली आपूर्ति में कटौती ऊपर से हो रही है।
व्यापारियों का मांगपत्र शासन तक पहुंचाने और मांगें पूरी करने का आश्वासन मिलने के बाद व्यापारियों ने धरना समाप्त किया।