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रातभर दरवाजा पीटा, नहीं जागे डॉक्टर, नवजात की मौत

Sun, 24 Apr 2016 10:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
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माौत - फोटो : अमर उजाला
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 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लखावटी पर तैनात चिकित्सक और नर्स की लापरवाही से एक और नवजात मौत के मुंह में समा गया। सीएचसी स्टाफ ने सुबह को डिलिवरी करने का फरमान सुना दिया। मगर पीड़िता की रात में ही तबीयत बिगड़ गई।
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परिजन रातभर डाक्टरों के दरवाजे पीटते रहे पर किसी को सुध नहीं आई। सबह जब डिलिवरी हुई तो पैदा होने के बाद बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

अगौता थाना क्षेत्र के गांव बौंदरा निवासी सर्वेश जाटव की पत्नी सुषमा 27 वर्ष को शनिवार की देर शाम प्रसव पीड़ा होने पर उसको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखावटी में भर्ती कराया। आरोप है कि एएनएम  कमलेश और स्टाफ नर्स ने बाहर के मेडिकल स्टोर से इंजेक्शन लाने के लिये पर्चा थमा दिया।
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एएनएम द्वारा इंजेक्शन लगाने के बाद सीएचसी का स्टाफ मरीजों की देखभाल करे बगैर ही अपने क्वार्टरों में सोने के लिए चला गया। देर रात सुषमा की हालत बिगड़ गई। सुषमा का पति चिकित्सकों को बुलाने के लिए उनके क्वार्टर  पर पहुंचकर रात में दरवाजा खटखटाता रहा।

आरोप है कि चिकित्सकों ने उठना उचित नहीं समझा। इतना ही नहीं लापरवाही की हद तब हो गई जब  रविवार सुबह 9 बजे एएनएम प्रसूता के पास पहुंची और अपनी डयूटी को समाप्त होने की बात कहकर सीएचसी से चलती बनी। 

बाद में दूसरे स्टाफ की टीम ने सीएचसी पहुंचकर प्रसूता की डिलीवरी की। डिलीवरी के दौरान चिक्त्सिकों के हाथ पांव फूल गए। प्रसूता सुषमा ने एक बच्ची को जन्म दिया। बताया जाता है कि बच्ची को जन्म देते ही उसके कान और नाक से खून बहना शुरू हो गया।

कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना पर डिलीवरी करने वाली चिकित्सक और नर्स सीएचसी छोड़कर भाग गई। पीड़िता के पति ने सीएमओ को फोन कर मामले की जानकारी देते हुए अस्पताल के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी  कार्रवाई की मांग की है।
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