शिकारपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में दिव्यांग बच्चों के प्रमाण पत्र बनाने के लिए शनिवार को शिविर लगाया गया। शिविर में हड्डी और मनोरोग विशेषज्ञ के नहीं आने पर प्रमाणपत्र बनवाने आए दिव्यांगों के साथ उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। 20 दिव्यांगों में केवल आठ के ही प्रमाण पत्र बन सके।
सीएचसी के क्षेत्र से जुड़े स्कूलों में पढ़ रहे 18 वर्ष तक के बच्चों को स्क्रीनिंग के बाद दिव्यांग प्रमाण पत्र देने के उद्देश्य से शिविर आयोजित लगा। शिविर में जिला चिकित्सालय से बाल रोग, हड्डी रोग, नेत्र रोग, नाक-कान-गला, श्रवण और मनोरोग विभाग के चिकित्सकों को पहुंचना था। शिक्षा विभाग के विशेष अध्यापक दिवाकर सिंह ने कहा कि शिविर में बाल रोग, नेत्र रोग और नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ पहुंचे।
हड्डी रोग और मनोरोग विभाग का कोई चिकित्सक नहीं आया। इसके चलते संबंधित जांच और प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। कहा कि संबंधित चिकित्सकों को शिविर की सूचना पहले से दी गई थी। इसके बावजूद उनके नहीं पहुंचने से दिव्यांग बच्चों को परेशानी उठानी पड़ी और उनके परिजनों को निराश होकर लौटना पड़ा।
कोट
मामले की जानकारी उच्च अफसरों को दे दी गई है। शेष ने शिविर में सभी औपचारिकताएं पूरी कराईं। - डॉ. शशि शेखर सिंह, सीएचसी प्रभारी